भारत-नेपाल सीमा पर संयुक्त रूप से पैट्रोलिंग करते एसएसबी और नेपाल सशस्त्र के जवान। संवाद
टनकपुर (चंपावत)। खालिस्तान समर्थक एवं वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह को सुरक्षा एजेंसियां सरगर्मी से तलाश रही हैं। उत्तराखंड के रास्ते उसके नेपाल भागने की आशंका है। सीमा पर सुरक्षा तंत्र को अलर्ट किया गया है लेकिन चंपावत के टनकपुर से ऊधम सिंह नगर जिले तक नेपाल से लगी सीमा में कई ऐसे चोर रास्ते हैं जहां से अपराधी चकमा देकर नेपाल भाग सकता है। आशंका है कि अमृतपाल भी नेपाल भागने के लिए इन चोर रास्तों का उपयोग कर सकता है।
उत्तराखंड की 270 किमी खुली सीमा नेपाल से लगी है जिसमें टनकपुर से उधम सिंह नगर तक 35 किमी लंबी सीमा पर कई ऐसे चोर रास्ते हैं जो जंगल से घिरे हैं और वहां 24 घंटे सुरक्षा एजेंसियों की नजर नहीं रह पाती। हालांकि सीमा पर तैनात एसएसबी समय-समय पर कांबिंग और पेट्रोलिंग कर इन चोर रास्तों में निगरानी करती है।
पंजाब पुलिस की ओर से अमृतपाल के वेश बदलकर उत्तराखंड के रास्ते नेपाल भागने की आशंका जताने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पर नजर गड़ा दी है। दोनों देशों के बीच आवागमन के वैधानिक रास्तों के साथ ही चोर रास्तों पर भी चौकसी बढ़ाई गई है।
सीओ अविनाश वर्मा ने बताया कि अमृतपाल की तलाश में सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया गया है। वैधानिक मार्गों के साथ ही चोर रास्तों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए नेपाल सीमा पर तैनात वहां की सुरक्षा एजेंसियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है।