आपदा प्रबंधन की वीडियोकांफ्रेंसिंग से मुख्यमंत्री की समीक्षा में हिस्सा लेते चंपावत के डीएम और
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा की चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वय और सहयोग से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा राहत कार्यों के लिए सभी जिलाधिकारियों को धन दिया गया है और आगे भी जरूरत के अनुरूप रकम दी जाएगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बुधवार शाम को उन्होंने चंपावत सहित सभी जिलों के डीएम को राजमार्गों के साथ ग्रामीण सड़कों को खोलने के लिए उपकरणों की तुरंत तैनाती करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्कूल के क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत के साथ जलभराव वाले क्षेत्रों में निकासी के लिए कारगर योजना बनाने को कहा। दूरदराज के क्षेत्रों में जरूरी दवाओं के साथ खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर, भूस्खलन, सड़कों को खोलने, जानमाल की क्षति में प्रभावितों को तत्काल मुआवजा दिया जाए। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को सुचारु रखने के लिए सभी संवेदनशील जगहों पर मशीन रखी गई हैं।
उन्होंने सीएम को बताया कि टनकपुर से पूर्णागिरि जाने वाली सड़क बाटनागाड़ क्षेत्र में भारी मलबे की वजह से चार जुलाई से बंद है। इसे खोलने के लिए नौ मशीन और डंपर लगाए गए हैं। सड़क के 375 मीटर हिस्से में आठ मीटर ऊंचा मलबा भर गया है। इसमें 200 मीटर दूरी तक मलबा हटाया जा चुका है शेष हिस्से से मलबे को हटाने का काम चल रहा है।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू, एसीएस राधा रतूड़ी, आपदा प्रबंधन सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा ने व्यवस्थाओं की जानकारी ली। वीडियो कांफ्रेंसिंग में एसपी देवेंद्र पींचा, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम रिंकू बिष्ट, सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल, लोनिवि के ईई बीसी पंत आदि मौजूद रहे।
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