चंद्रशेखर जोशी, चंपावत। लॉकडाउन के बीच प्रदेशभर के दुग्ध उत्पादकों के लिए उम्मीद भरी खबर आई है। अब दुग्ध उत्पादकों के भी किसानों की तरह ही अनिवार्य रूप से केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) बनाए जाएंगे। उत्तराखंड सहकारी डेरी फैडरेशन के प्रबंध निदेशक केएस नागन्याल ने 6 जून को इस आशय का आदेश जारी किया है। जिन उत्पादकों के पास पहले से ही केसीसी हो तो उनकी लिमिट को तीन लाख रुपये तक किया जा सकेगा। इस फैसले से प्रदेश के 49 हजार से अधिक लोगों को सीधा लाभ होगा। एमडी ने बताया कि इसके जरिए दुग्ध उत्पादकों को लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था पर पड़ी मार की क्षतिपूर्ति की जा सकेगी।
केसीसी बनाने पर ब्याज में दो प्रतिशत और शीघ्र ऋण वापसी की स्थिति में ब्याज मेें तीन प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिलेगी। केसीसी बनाने का काम 31 जुलाई तक चलेगा। पहले चरण में समितियों में दूध देने वाले उत्पादकों की केसीसी बनाई जाएगी। इसके बाद अन्य सदस्यों की केसीसी बनाने का काम होगा। दुग्ध समितियों के माध्यम से बैंकों में प्रार्थना पत्र जमा कराए जाएंगे। समिति 15 जून तक दुग्ध उत्पादकों की पशुओं की संख्या व समिति को दिए जाने वाले दूध का ब्यौरा तैयार कर लेगा।
चंपावत दुग्ध संघ प्रबंधक राजेश मेहता ने बताया कि इस निर्णय से जिले की 193 समितियों के 8986 सदस्यों को लाभ होगा। इस वक्त इनमें से 4270 लोग समितियों को 15 हजार लीटर से अधिक दूध दे रहे हैं।
---:::: दुग्ध उत्पादकों को होगा ये लाभ :: 1.दुग्ध समिति से जुड़ा हर सदस्य को बैंक से कम ब्याज पर कर्ज मिल सकेगा। 2.दुग्ध समितियों के जिन सदस्यों के पास पहले से ही केसीसी होगी, उनकी लिमिटि को 1.60 लाख से बढ़ाकर तीन लाख तक किया जा सकेगा। 3.डेरी व्यवसाय के लिए वक्त पर धन की कमी नहीं होगी।
---::: प्रदेश दुग्ध संघ में कार्यरत संख्या :: 1.उत्तराखंड में कुल 4169 दुग्ध संघ समितियां हैं। इनमें से 2544 समितियां दूध दे रही हैं। 2.प्रदेश दुग्ध समितियों के कुल 153595 सदस्यों में से 49587 इस वक्त दूध उपलब्ध करा रहे हैं। 3.प्रदेश के 16852 ग्रामसभाओं में से 4658 में दुग्ध समितियां काम कर रही है।
---:: 17 हजार से अधिक किसानों के पास हैं केसीसी :: चंपावत। चंपावत जिले में 32257 काश्तकारों में से 17242 किसानों के पास केसीसी है। मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती ने बताया कि जिन किसानों के केसीसी नहीं बन पाए हैं, उनकी प्रक्रिया की जा रही है। केसीसी किसानों के लिए कम ब्याज में कर्ज लेने का बेहतरीन तरीका है।