चंपावत। जिला मुख्यालय में चल रहे मां नंदा सुनंदा महोत्सव के दूसरे दिन की देर शाम देवडांगर और बड़ी संख्या में श्रद्धालु रौल्यूड़ा पहुंचे। उन्होंने स्थानीय नौले में स्नान कर कदली वृक्ष को आमंत्रण दिया।
बालेश्वर मंदिर में शनिवार सुबह से ही पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया। विशेष पूजन और अनुष्ठान संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने मां नंदा सुनंदा की पूजा की। इस मौके पर देवडांगरों ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। देवडांगर देवी लाल वर्मा की अगुवाई में शांति पटवा, तारा पटवा, हरिप्रिया पटवा, गौरव वर्मा, सौरभ वर्मा, विवेकानंद बिष्ट, रवि पटवा आदि के शरीर में अवतरित देवी देवताओं ने कदली वृक्ष को चिन्हित किया।
इस कदली वृक्ष को रविवार को बालेश्वर मंदिर में लाकर प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। देर शाम से मंदिर में भजन कीर्तनों का दौर शुरू हो गया। इससे पहले दिन भर मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम हुए। पुरोहित विनोद पांडेय, गिरीश कलौनी, दीपक कुलेठा के मंत्रोच्चारण के बीच देवीलाल वर्मा, एनडी गड़कोटी, सुधीर साह, निर्मल पुनेठा, महेंद्र तड़ागी, दिनेश पटवा, नरेश जोशी ने विभिन्न पूजा-अनुष्ठान संपन्न किए।
इस मौके पर आयोजन समिति के अध्यक्ष शंकर दत्त पांडेय, सचिव विकास साह, पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा, सभासद रोहित बिष्ट, कमल गिरि गोस्वामी, राजेंद्र गहतोड़ी, प्रदीप बोरा, अमित वर्मा, मुकेश वर्मा, प्रकाश गिरि आदि मौजूद थे।
निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं हुईं
चंपावत। नंदा-सुनंदा महोत्सव के तहत शनिवार को जूनियर एवं सीनियर वर्ग की निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता हुई जिसमें स्थानीय स्कूलों के 138 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता संपन्न कराने में रितेश राय, रवि पटवा, गौरव पांडेय, सूरज पटवा, प्रखर वर्मा, निखिल वर्मा, मानस वर्मा, कमल बिष्ट आदि ने सहयोग दिया।
महोत्सव में आज
सुबह 6 बजे कदली वृक्ष आगमन
मां नंदा-सुनंदा प्राण प्रतिष्ठा
दिन में विशेष पूजा अनुष्ठान
शाम 7 बजे मां नंदा-सुनंदा की विशेष आरती
रात 8 बजे भजन-कीर्तन