नेपाल सीमा पर एक बार फिर तारबाड़ कर भारत की ओर अतिक्रमण की सूचना से प्रशासन में खलबली मच गई। सूचना की पड़ताल के लिए एसडीएम हिमांशु कफल्टिया की अगुवाई में एसएसबी, वन और राजस्व विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया। बताया कि नेपाल की ओर से अपने देश की ही भूमि पर तारबाड़ की जा रही है। एसडीएम ने नेपाल के लिए बन रही नहर के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया।
टनकपुर से लगी सीमा पर ब्रह्मदेव में भारतीय भूमि पर नेपाली नागरिकों के अतिक्रमण का अभी पटाक्षेप भी नहीं हो पाया कि अब भारतीय गांव थपलियालखेड़ा के पास नेपाल की ओर से भारतीय भूमि पर अतिक्रमण की सूचना से उच्च स्तर पर हड़कंप मच गया। अतिक्रमण की सूचना की सत्यता जानने के लिए डीएम के निर्देश पर बृहस्पतिवार को एसडीएम कफल्टिया एसएसबी, वन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
एसडीएम ने बताया कि थपलियालखेड़ा के पास नेपाल की ओर से किया जा रहा तारबाड़ लगाने का काम नेपाल की ही भूमि पर हो रहा है। भारतीय भूमि पर अतिक्रमण की सूचना गलत है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
इस दौरान एसडीएम ने टनकपुर बैराज से नेपाल को जलापूर्ति के लिए भारत सरकार की ओर से निर्माणाधीन 1.2 किमी लंबी नहर के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। एसडीएम ने नोडल एजेंसी एनएचपीसी के अधिकारियों और ठेकेदार कंपनी के प्रतिनिधियों से नहर निर्माण की जानकारी ली। निरीक्षण टीम में शारदा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी महेश सिंह बिष्ट समेत एसएसबी, राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी शामिल थे।