बनबसा (चंपावत)। हुड्डी नदी रविवार रात उफान पर आ गई। इसमें एक गोशाला और दो गाय बह गईं। ग्रामीण की पांच बीघा भूमि धान की फसल समेत नदी से हुए भू कटाव में बह गई। ग्रामीणों ने पीड़ित के नुकसान की भरपाई और गांव के तटबंध पर हो रहे भू कटाव की रोकथाम की मांग की है। ग्रामीण हेलागोठ में हो रहे भूकटाव के लिए शासन, प्रशासन को जिम्मेदार बता रहे हैं।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा हेलोगोठ वासी छात्र राहुल ने बताया कि बीती मध रात्रि हुड्डी नदी उफान पर आ गई। इससे ग्रामीण हरीश सिंह तड़ागी की गोशाला, दो गाय और करीब पांच बीघा भूमि धान की फसल समेत बह गई। ग्रामीण श्याम सिंह कुंवर, विनोद सिंह कुंवर, मोहन सिंह कुंवर, जगत सिंह अधिकारी, बसंती देवी, यशोदा देवी, ममता देवी, कलावती देवी आदि ने पीड़ित ग्रामीण के नुकसान की भरपाई करने के अलावा तत्काल गांव के तटबंध पर हो रहे भू कटाव की रोकथाम करने की मांग की है। उधर, राजस्व उपनिरीक्षक विरेंद्र पुंडीर ने बताया कि जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
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बनबसा बैराज पर रेड अलर्ट, वाहनों का संचालन रोका
नदी में अत्यधिक मलबा आने से एनएचपीसी पावर चैनल, शारदा नहर की की गई बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
बनबसा (चंपावत)। पहाड़ पर हुई बारिश से शारदा नदी का जलस्तर सोमवार प्रातः दस बजे 2,19,136 क्यूसेक पहुंच गया। सुरक्षा के तहत बैराज पर रेड अलर्ट कर वाहनों का संचालन रोक दिया गया। मलबा आने से एनएचपीसी पावर चैनल और शरदा नहर का पानी बंद कर दिया गया। इससे एनएचपीसी पावर स्टेशन टनकपुर और लोहियाहेड पावर हाउस से बिजली उत्पादन ठप हो गया।
बीते दिवस शाम छह बजे नदी का जलस्तर 84,758 क्यूसेक था। रात नौ बजे नदी 1,21,506 और सोमवार सुबह 10 बजे 2,19,136 क्यूसेक पहुंच गया। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा शारदा हेड वर्क्स के एसडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि सुरक्षा के तहत रेड अलर्ट कर बनबसा बैराज पर वाहनों का संचालन रोका गया है। नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने पर ही वाहनों का संचालन शुरू होगा। बैराज प्रभारी जेई रोहित चौधरी ने बताया कि नदी में साफ पानी बहने पर ही पावर चैनल और शारदा नहर में पानी छोड़ा जाएगा। पिछले 24 घंटे में बनबसा में 31 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई।