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आरटीआई के उपयोग में पहाड़ पर भारी मैदान

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मुख्य सूचना आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा। संवाद - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। उत्तराखंड के सीआईसी (मुख्य सूचना आयुक्त) अनिल चंद्र पुनेठा ने कहा कि आरटीआई (सूचना का अधिकार) के उपयोग के मामले में प्रदेश का मैदानी क्षेत्र पहाड़ से ज्यादा जागरूक है। हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल से 70 प्रतिशत से अधिक मामले आ रहे हैं। प्रदेश में राजस्व और पुलिस विभाग में सबसे ज्यादा आरटीआई लगाई गई हैं।
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बुधवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि सूचना आयोग लोगों की आरटीआई से संबंधित दिक्कतों को दूर करने के साथ उन्हें जागरूक करने के लिए समय-समय पर विभिन्न जिला मुख्यालयों पर आरटीआई की अपीलों की सुनवाई करेगा। ऐसा करने के पीछे आयोग की मंशा लोगों को देहरादून के चक्कर लगाने से राहत देने की है। टिहरी से सूचना का अधिकार आपके द्वार कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी।
1984 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी पुनेठा ने कहा कि सुशासन के अलावा भ्रष्टाचार पर लगाम के लिए आरटीआई कारगर हथियार है। छह माह के भीतर अपील के लंबित मामलों को आयोग निस्तारित कर देगा। दो साल से कोरोना की वजह से काफी बड़ी संख्या में मामले में लटके थे। फिलहाल चार हजार लंबित मामलों में से ढाई हजार शेष हैं। इन्हें नियमित रूप से सुनवाई कर निस्तारित किया जा रहा है।
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सीआईसी ने कहा कि आरटीआई के 90 प्रतिशत मामले लोक सूचनाधिकारियों के स्तर पर ही निपट जाते हैं। आयोग के समक्ष अपील के लिए 10 प्रतिशत मामले पहुंचते हैं।
चंपावत में निपटाए गए 28 मामले
चंपावत। आरटीआई की यहां तीन दिन तक चली अपील में 28 मामले आए। सीआईसी ने बताया कि इन ंसभी मामलों का या तो निस्तारण कर लिया गया या उन्हें उसके निवारण के तरीके बताए गए। सीआईसी अनिल चंद्र पुनेठा बृहस्पतिवार को लोहाघाट में 11 बजे से लोहाघाट, पाटी और बाराकोट के लोक सूचनाधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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