बाराकोट के लड़ीधूरा महोत्सव में कार्यक्रम प्रस्तुत करते मध्य प्रदेश के कलाकार।
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लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट के लड़ीधूरा महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची है। देहरादून, मध्यप्रदेश, हिमाचल के साथ ही स्थानीय कलाकारों ने एक से बढ़कर एक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बागेश्वर से आए दिव्यांग कलाकार सुरेंद्र बाफिला ने-बड़ी दूर से आए हैं प्यार का तोहफा लाए हैं और राही मनवा दुख की चिंता क्यों सताती है दुख तो अपना साथी है...का गायन कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। दर्शकों ने सुरेंद्र पर इनामों की बौछार कर दी।
महोत्सव समिति के अध्यक्ष नागेंद्र जोशी की अध्यक्षता एवं जगदीश अधिकारी के संचालन में सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद अजय टम्टा और विशिष्ट अतिथि पालिकाध्यक्ष गोविंद वर्मा ने किया। सांसद ने मेला स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए तीन लाख रुपये देने की घोषणा की। सांसद ने कई शिक्षकों को सम्मानित भी किया।
लड़ीधूरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक संध्या में देहरादून, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के कलाकारों ने दर्शकों का मन मोह लिया। लोक गायिका रेनू बाला के बेडू पाको बार मासा, ओ मेरा देवरा मोहना तेरी केमुओ गाड़ी गीत पर दर्शक झूमने लगे। इस दौरान सतीश पांडेय, निर्मल माहरा, मोहित पाठक, थानाध्यक्ष जसवीर चौहान उपस्थित रहे। आयोजन में लोकमान अधिकारी, रिंकू अधिकारी, राजेश सिंह अधिकारी, जगदीश सिंह अधिकारी, कृष्ण सिंह अधिकारी, दुर्गेश चंद्र जोशी, नवीन चंद्र जोशी, नंदा बल्लभ बगौली, नमन जोशी, रजनीश जोशी, बसंत लाल वर्मा, योगेश जोशी, कौस्तुभ अधिकारी, सूरज आदि सहयोग कर रहे हैं।