चंपावत। जिले के चारों विकासखंडों के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में हंस फाउंडेशन की चिकित्सा सुविधा मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। हंस फाउंडेशन की ओर से ग्रामीणों को घरों में ही स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराए जाने से स्वास्थ्य विभाग को भी राहत मिली है। जिन स्थानों पर फाउंडेशन की स्वास्थ्य सेवा संचालित हो रही है, उन स्थानों के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में काफी गिरावट है।
जिले में जुलाई 2022 से हंस फाउंडेशन की ओर से संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर निशुल्क उपचार की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। अब तक फाउंडेशन की ओर से संचालित छह एमएमयू के माध्यम से 180 गांवों में शिविर लगाकर डेढ़ लाख से अधिक रोगियों का इलाज किया जा चुका है। इसमें 55 फीसदी मरीज महिलाएं और शेष 45 फीसदी मरीज पुरुष शामिल हैं। फाउंडेशन के जिला समन्वयक सुरेश तिवारी ने बताया कि छह एमएमयू के माध्यम से निर्धारित स्थानों में निर्धारित तिथियों में शिविर लगाकर रोगियों का उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों के उपचार के लिए चिकित्सकों की टीम होम विजिट भी कर रही है।
एमएमयू में हैं पैथालॉजी सहित 30 प्रकार की जांच की सुविधा
चंपावत। हंस फाउंडेशन की ओर से संचालित एमएमयू में 30 तरह की पैथालॉजी जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं। एक एमएमयू में चिकित्सक सहित पांच कर्मचारियों का स्टाफ तैनात रहता है। जिसमें फार्मासिस्ट, एसपीओ, सहायक और चालक शामिल हैं। संवाद
चुनाव बाद शुरू होंगे नेत्र चिकित्सा शिविर
चंपावत। जिले में हंस फाउंडेशन के जिला समन्वयक सुरेश तिवारी ने बताया कि लोकसभा चुनाव के बाद नेत्र चिकित्सा शिविरों की श्रृंखला शुरू की जाएगी। इसमें स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधा के साथ ही पौड़ी में स्थित सतपुली अस्पताल में भी चयनित मरीजों के ऑपरेशन किए जाएंगे। संवाद