चंपावत। अल्मोड़ा से संबद्व गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका लस्पाल ने जिला अस्पताल में चार्ज नहीं लिया है। उम्मीद थी कि उनकी तैनाती से गर्भवतियों को राहत मिलेगी, लेकिन संबद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ सोमवार को भी जिला अस्पताल नहीं पहुंचीं।
बीती 16 जुलाई को सीएमओ अल्मोड़ा डॉ. आरसी पंत ने डीजी हेल्थ देहरादून के निर्देश पर आदेश जारी कर डॉ. लस्पाल को अग्रिम आदेशों तक चंपावत अस्पताल संबद्ध किया था।अस्पताल में तैनात गायनोकॉलोजिस्ट डॉ. प्रियंका कांडपाल दो सप्ताह के मेडिकल अवकाश पर हैं। दूसरी डॉ. मंदाकिनी तबीयत खराब होने की बात कहकर तीन जुलाई से अस्पताल में नहीं है। यह गायनोकॉलोजिस्ट पूर्व में मातृत्व अवकाश पर भी थीं। इसके बाद गायनोकॉलोजिस्ट बिना किसी लिखित पत्र के अवकाश पर चली गई हैं। इसके बाद एलएमओ को अस्पताल में प्रसव की जिम्मेदारी दी गई। 15 जुलाई को सामान्य प्रसव के बाद चानमारी लोहाघाट की प्रसूता अमिषा की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमा जागा और 16 जुलाई को अल्मोड़ा अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ को चंपावत अस्पताल संबद्ध किया गया। इसके अलावा विभाग ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। समिति को प्रसूता की मौत की जांच कर इसकी आख्या पांच दिन में विभाग को देनी थी।
कोट
दो स्त्री रोग विशेषज्ञ अस्पताल से नदारद हैं, जिसे भेजा गया वह अभी तक नहीं पहुंची हैं। कहीं ऐसा न हो कि इंतजार लंबा हो जाए और फिर कोई अनहोनी हो जाए। शासन-प्रशासन को गर्भवतियों का दर्द समझना चाहिए। - निर्मला गहतोड़ी, कांग्रेस नेता
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अल्मोड़ा से संबद्ध गायनाकोलॉजिस्ट ने कार्यभार नहीं संभाला है। फिलहाल वह कब तक आएंगी इसकी जानकारी नहीं है। अस्पताल की दोनों स्त्री रोग विशेषज्ञों ने भी अभी तक कोई संपर्क नहीं किया है। - डॉ. पीएस खोलिया, पीएमएस, जिला अस्पताल।