चंपावत। प्रदेश में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को तदर्थ किए जाने की प्रक्रिया लंबे समय से अधर में लटकने के कारण अतिथि शिक्षकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीते आठ साल से दुर्गम और अति दुर्गम विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षक कई बार अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता भी पकड़ चुके हैं। इस संबंध में अतिथि शिक्षक संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पुष्कर सिंह धामी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में अतिथि शिक्षकों के सुरक्षित भविष्य को लेकर कई फैसले लिए गए थे। लेकिन वेतन वृद्धि के अतिरिक्त कोई शासनादेश आज तक जारी नहीं हुआ है।
प्रदेश सरकार हमेशा कोरे आश्वासन देती रही है, जिस कारण अतिथि शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है। ज्ञापन में अतिथि शिक्षकों को तत्काल तदर्थ तैनाती देने के साथ ही अन्य समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
ज्ञापन देने वालों में मोहन चिलकोटी, नवीन चंद्र पुनेठा, बसंत सिंह बोहरा, निर्मल कुमार, प्रदीप गोस्वामी, पंकज पांडेय, तारा सिंह, सुभाष गोस्वामी आदि शामिल हैं।