टनकपुर (चंपावत)। सीमांत जिले चंपावत और पिथौरागढ़ की लाइफ लाइन एनएच बंद होने से कई वाहन पिछले नौ दिनों से फंसे हैं। वाहन चालकों को पीने की दिक्कत हो रही है। उनके पास खाने के लिए रुपये खत्म होने लगे हैं। उन्हें रात वाहन में गुजारनी पड़ रही है। उनका कहना है कि पता नहीं था कि इतने दिन यहां फंस जाएंगे।
पिछले तीन दिन से से एनएच बंद होने से हल्के वाहनों को बाया सूखीढांग, लोहाघाट, चंपावत पिथौरागढ़ भेजा रहा है। भारी वाहनों के लिए आवाजाही पूरी तरह बंद रखी गई है। अकेले चंपावत जिला मुख्यालय और लोहाघाट जाने के लिए बाया टैक्सी और इमरजेंसी वाहनों को बाया रीठा साहिब जाना पड़ रहा है। इसके लिए टनकपुर से सूखीढांग-रीठा साहिब मार्ग से लोहाघाट की दूरी करीब 152 किमी पड़ रही है, जबकि हाईवे से यह दूरी मात्र 88 किमी है। उन्हें 64 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
इमरजेंसी में बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे तक ही 60 टैक्सी वाहन इस रूट पर ककराली गेट से जा चुके थे। जबकि पिथौरागढ़ जिले के लोग बाया हल्द्वानी होकर जाने को विवश हैं। ककराली गेट पर भारी वाहनों को रोकने के लिए पुलिस तैनात है। इसके अलावा सूखीढांग में भी बैरियर लगाया गया है।
12 सितंबर की शाम से मार्ग बाधित होने के बाद अब ककराली गेट पर भारी वाहनों की लाइन नहीं लग रही है। वाहन बाया हल्द्वानी होकर पिथौरागढ़, चंपावत जा रहे हैं। इसके बाद भी इक्का दुक्का भारी वाहन आ रहे हैं। जिन्हें पुलिस वापस लौटा रही है।
बृहस्पतिवार की सुबह ककराली गेट बैरियर पर मात्र कुछ भारी वाहन भी रुके मिले। एसआई सिंह ने बताया कि इमरजेंसी और टैक्सी छोटे वाहनों को बाया रीठा साहिब होकर जाने दिया जा रहा है। भारी वाहनों को वापस लौटाया जा रहा है, सुबह से अभी तक 20 वाहनों को वापस लौटाया गया।
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आईटीबीपी लोहाघाट के लिए पेट्रोल लेकर जा रहा वाहन भी फंसा
टनकपुर। बुधवार की रात से ककराली गेट पर एक टैंकर और एक कैंटर फंसा था। दोनों चालक बोले- मजबूरी है जब तक सड़क नहीं खुलती यहीं दिन रात गुजरेगी। इनमें भारत पेट्रोलियम के टैंकर के चालक सचिन ने बताया कि रात करीब एक बजे वह यहां पहुंचे। वह आईटीबीपी लोहाघाट के लिए पेट्रोल ले जा रहे हैं। उनके साथ चालक अनुज भी हैं। उनका रूट बाया टनकपुर है, वह हल्द्वानी से नहीं जा सकते हैं। अब मार्ग खुलने पर ही वह आगे बढेंगे।
दूसरे फंसे कैंटर चालक संतोष कुमार ने बताया कि वह हरिद्वार से उत्पाद लेकर चंपावत-लोहाघाट जा रहा है। उसका रूट टनकपुर से है। वह हल्द्वानी से नहीं जा सकता है। वहां से जाने पर अधिक ईंधन लगेगा। बताया कि मार्ग खुलने तक इंतजार करेगा।
पूर्णागिरि ट्रांसपोर्ट के स्वामी ट्रांसपोर्टर भुवन कठायत ने बताया कि 12 सितंबर की शाम से उनके 15 ट्रक चंपावत लोहाघाट नहीं जा पा रहे हैं। वर्तमान में लोहाघाट क्षेत्र में सड़क निर्माण में बजरी और पत्थर का काम चल रहा है। चालक परिचालक खाली बैठे हैं। उन्होंने माना कि ट्रांसपोर्टरों को खासा नुकसान हो रहा है। संवाद
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स्टेपनी गिरवी रखकर भोजन के लिए जुटाए पैसे
चंपावत। सिन्याड़ी क्षेत्र में कई वाहन चालक 16 सितंबर से फंसे हैं। 11 दिन से फंसे वाहन चालकों के पास पैसे भी खत्म हो गए हैं। ऐसे में उन्हें ट्रक की स्टेपनी गिरवी रखकर भोजन करना पड़ा। ट्रक चालक अनिल ने बताया वह हरिद्वार से सेना का सामान लेकर धारचूला जा रहे थे, लेकिन उन्हें एनएच के बंद होने की जानकारी नहीं थी। जेब में बचे रुपये खत्म हो चुके हैं। अब मालिक समस्या से अवगत करा दिया है। वह रुपये भेजेगा फिर स्टेपनी वापस लेंगे।