दुग्ध संघ अध्यक्ष पार्वती जोशी।
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अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। चंपावत जिले में दुग्ध उत्पादकों को जल्द ही दूध के ज्यादा दाम मिलेंगे। चंपावत जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड एक हफ्ते के भीतर ये एलान कर देगा। इससे चंपावत जिले के 195 दुग्ध समितियों के 4700 से अधिक दुग्ध उत्पादकों को लाभ होगा। 22 मार्च से शुरू लॉकडाउन से कारोबार पर बुरी तरह से मार पड़ी, लेकिन दुग्ध संघ ने इस नाजुक मौके पर अपने ग्रामीण उत्पादकों को झटके से बचाए रखा। लॉकडाउन के दौरान दूध की खपत में गिरावट के बावजूद उत्पादकों को झटके से उबारने की अच्छी कोशिश हुई। तीन महीने तक चलने वाला मां पूर्णागिरि मेला निरस्त हुआ और ऊधमसिंह नगर द्वारा भी दूध लेने से इंकार किया गया। प्रबंधक राजेश मेहता बताते हैं कि नुकसान की भरपाई के लिए दुग्ध संघ ने नए विकल्प तलाशे। संघ ने 10 हजार लीटर दूध को रोजाना देहरादून भेजा। भाड़े में दो रुपये किमी ज्यादा लगने और दूध की कीमत एक रुपये कम मिलने के बावजूद दूध को देहरादून भेजा गया। इसका असर यह हुआ कि लॉकडाउन के बावजूद सिर्फ तीन दिन को छोड़कर जिले के दुग्ध उत्पादकों का दूध बर्बाद नहीं हुआ। अलबत्ता तब उत्पादकों से खरीदे जाने वाले दूध की कीमत में एक रुपये लीटर कम कर दिया गया था। अब फिर से दुग्ध उत्पादकों की कीमत में एक रुपये का इजाफा किया जा रहा है। इस वक्त उत्पादकों को 8 फीसदी एसएनएफ व 3.50 फीसदी फैट होने पर 25 रुपये से 32 रुपये लीटर के हिसाब से कीमत मिल रही है।
--:: "चंपावत जिले में दूध ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्रोत है। दुग्ध उत्पादन में 73 फीसदी महिलाएं हैं। इसके मद्देनजर संघ ने लॉकडाउन के दौरान भी समितियों से दूध एकत्र किया। और अब संघ उत्पादकों के दूध के दाम में एक रुपया लीटर इजाफा करेगा। एक हफ्ते के भीतर इस प्रस्ताव पर प्रबंध समिति की बैठक में औपचारिक रूप से मोहर लगा दी जाएगी।" पार्वती जोशी, अध्यक्ष, दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ, चंपावत।