लोहाघाट (चंपावत)। पाटन पाटनी और आसपास के क्षेत्रों में कूड़ा वाहन बंद होने से गंदगी का अंबार लग गया है जिससे ग्रामीण जंगलों और सड़क किनारे कूड़ा डालने को मजबूर हैं। प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप कुमार ने बताया कि चार साल पहले घर-घर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था शुरू हुई थी। इसके लिए 100 रुपये मासिक शुल्क लिया जाता था। यह व्यवस्था ट्रेंचिंग ग्राउंड में छंटाई मशीन लगने के बाद अतिरिक्त शुल्क विवाद के कारण ठप हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, कहा कि अन्यथा स्वच्छ भारत मिशन प्रभावित होगा। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सौरभ नेगी ने बताया कि गीला-सूखा कूड़ा एक साथ आने से समस्या है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत से वार्ता कर समाधान निकाला जाएगा।