चंपावत। लोहाघाट ब्लॉक के जीआईसी सुंई की 15 छात्राओं को नंदा गौरा कन्या धन योजना की राशि तीन साल बाद मिल सकी है। इनमें से हर छात्रा के बैंक खाते में 51,000 रुपये की राशि स्थानांतरित की गई है।
जीआईसी सुंई की 15 छात्राओं ने वर्ष 2019 में इंटर की परीक्षा पास की। इसके बाद इन छात्राओं ने तय समय पर नंदा गौरा कन्या धन योजना की फाइल को स्कूल में जमा कराया लेकिन ये प्रपत्र बाल विकास विभाग में जमा कराने के बजाय एक साल तक स्कूल की ही अलमारी में पड़े रहे। अन्य स्कूलों की छात्राओं को योजना की रकम मिलने पर स्कूल की लापरवाही उजागर हुई। इससे परेशान छात्राओं और उनके अभिभावक यह भुगतान मांगते रहे। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया ने इस मामले को महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या तक पहुंचाया। मंत्री ने इन छात्राओं के आवेदन पत्रों के लिए बजट मंजूर कराया।
अब योजना के तहत हर पात्र छात्रा को 51,000 रुपये का चेक दे दिया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी आरपी बिष्ट का कहना है कि ये राशि छात्राओं के बैंक खाते मेें स्थानांतरित हो चुकी है। राशि मिलने पर अभिभावक विनोद चतुर्वेदी, निर्मल चौबे, राजेश चौबे, कैलाश तलनियां आदि ने आभार जताया है।
नए आवेदन 30 नवंबर तक जमा हो सकेंगे
चंपावत। वर्ष 2022 में उत्तराखंड बोर्ड से इंटर पास छात्राएं नंदा गौरा योजना के आवेदन 30 नवंबर तक जमा करा सकेंगे। डीपीओ आरपी बिष्ट ने बताया कि ये आवेदन महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग जमा कराए जा सकेंगे। योजना का लाभ एससी, एसटी के अलावा सामान्य जाति वाले गरीब परिवारों की छात्राएं भी उठा सकेंगी।