चंपावत के ककनई गांव में रैबीज से बचाव के उपाय करती पशुपालन विभाग की टीम। संवाद
- फोटो : फ्लैट मैदान में झूले।
टनकपुर (चंपावत)। ककनाई गांव में दो माह में रेबीज से चार पशुओं की से मौत हो गई थी। और अब पशुपालन विभाग की टीम ने गांव में बचाव के लिए अन्य पशुओं में एंटी रेबीज टीकाकरण का अभियान चलाया है।
पशुपालक तेज राम ने बताया कि रेबीज से एक गाय की मौत के अंदेशे के बाद पशु अस्पताल को जानकारी दी गई। बनबसा पशु अस्पताल से फार्मासिस्ट केबी चंद और अनिल चौड़ाकोटी ने एंटी रेबीज टीकाकरण किया। पशु अस्पताल की टीम का कहना है कि पशुपालक की ओर से बताए गए लक्षणों के आधार पर रेबीज होने की आशंका है। इससे पूर्व जीवन टम्टा के भी एक कुत्ते की पागल होकर मौत हुई थी।
उसके कुछ दिनों बाद टम्टा के एक बैल और एक बछड़े की भी मौत हो गई थी। इसके चलते बचाव के मद्देनजर गांव में 21 मवेशियों का एंटी रेबीज टीकाकरण किया गया। रेबीज के लक्षण पाने पर संक्रमित पशुओं का दूध नहीं पीने की भी नसीहत दी गई। ग्राम प्रधान बिशन सिंह ने पशुपालकों से किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशुपालन विभाग से संपर्क करने की अपील की है।