ग्राम प्रधान के पिता को पीटने वालों पर कार्रवाई की मांग करते लोग।
टनकपुर (चंपावत)। वन विभाग और प्रशासन की नजरअंदाजी से हुड्डी नदी में अवैध खनन धड़ल्ले से चला रहा है। माफिया के हौसले इतने बुलंद है कि दो दिन पूर्व विरोध करने पर एक डंपर चालक ने ग्राम प्रधान के पिता को पहले कुचलने का प्रयास किया और बाद में दो अन्य चालकों के साथ मिलकर उनकी पिटाई कर दी। शोर मचाने पर चालक खाली डंपर वहीं छोड़कर साथी के साथ फरार हो गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग ने डंपर को सीज कर वन अधिनियम के तहत और पिटाई के मामले में एक नामजद समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज किया है।
छीनीगोठ की ग्राम प्रधान पूजा जोशी के पिता दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि ग्रामसभा में सिंचाई विभाग की ओर से बाढ़ सुरक्षा कार्य कराया जा रहा है जिसकी आड़ में खनन माफिया रात के समय अवैध खनन कर रहे हैं। बताया कि बीते सोमवार की रात को सूचना पर जब वह अवैध खनन रोकने पहुंचे तो रास्ते में डंपर चालक ने उन्हें कुचलने का प्रयास किया। इसमें विफल रहने पर आरोपी ने अपने दो अन्य डंपर चालकों के साथ मिलकर उनकी पिटाई कर दी। शोर मचाने पर आरोपी डंपर में लदा उपखनिज उतारकर खाली डंपर वहीं छोड़कर साथी के साथ फरार हो गया।
मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने उन्हें उप जिला अस्पताल ले जाकर उपचार कराया। इधर सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने घटना स्थल पर मिले खाली डंपर को कब्जे में लेकर सीज कर दिया। रेंजर महेश चंद्र जोशी ने बताया कि अवैध खनन की सूचना पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी लेकिन चालक डंपर में लदा खनिज खाली कर चुका था। उन्होंने बताया कि डंपर (यूके 03 सीए 1976) को सीज कर वन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। इधर घायल छीनीगोठ की ग्राम प्रधान पूजा जोशी के पिता दिनेश चंद्र जोशी ने पुलिस को एक नामजद समेत तीन हमलावरों के खिलाफ तहरीर सौंपी जिस पर देर शाम को पुलिस ने छीनीगोठ निवासी डंपर चालक संजय चौड़ाकोटी समेत तीन के खिलाफ संबंधित धाराओं केस दर्ज कर लिया है। एसएसआई बीएस बिष्ट का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर लगाई सुरक्षा की गुहार
छीनीगोठ की हुड्डी नदी में अवैध खनन का विरोध करने पर खनन माफिया की ओर से की गई कथित पिटाई से घायल दिनेश चंद्र जोशी ने बुधवार को अपनी ग्राम प्रधान बेटी पूजा जोशी और ग्रामीणों के साथ तहसील पहुंचकर एसडीएम सुंदर सिंह से सुरक्षा की गुहार लगाई। ज्ञापन में घटना का हवाला देते हुए उन्होंने अपनी और परिजनों की जान को खतरा बताया है। उनके साथ गणेश दत्त नरियाल, सुरेश चंद्र गहतोड़ी, नवीन चंद्र गहतोड़ी, तारा दत्त पचौली आदि ग्रामीण मौजूद थे।