चंपावत। जिले के सीमांत मंच दूबड़ क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जल संस्थान की ओर से क्षेत्र के प्रत्येक परिवार को तीसरे दिन 100 लीटर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। जल संस्थान की ओर से क्षेत्र में सौ से अधिक परिवारों को टैंकर के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
क्षेत्र में पानी की कमी को देखते हुए जल जीवन मिशन योजना के तहत मंच के लिए 84 लाख रुपये की लागत से लिफ्ट पेयजल योजना का निर्माण तो पूरा कर लिया गया है, लेकिन अब तक पेयजल योजना का संचालन शुरू नहीं होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान दीपक सिंह, शेर सिंह महर, बची सिंह आदि ने जल्द लिफ्ट पेयजल योजना का संचालन शुरू करने की मांग उठाई है। इधर, जल संस्थान के अवर सहायक अभियंता हेमंत कुमार ने बताया कि लिफ्ट पेयजल योजना को जल्द चालू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ सिविल कार्य किया जाना शेष है, उसके बाद क्षेत्र की पेयजल समस्या का समाधान हो जाएगा।
पेयजल किल्लत से परेशान हैं पिथौरागढ़ लोग
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में पेयजल किल्लत से निजात नहीं मिल रही है। 80 करोड़ रुपये की लागत से बनी आंवलाघाट योजना भी लोगों की पानी की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही है। किसी योजना की लाइन फटी है तो किसी से पर्याप्त पानी ही नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर में प्रतिदिन 12.50 एमएलडी से अधिक पानी की मांग है। इसके सापेक्ष कभी सात तो कभी साढ़े सात एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है। इसके चलते नगर में रोस्टर के तहत एक दिन पानी की आपूर्ति की जा रही है। घाट पंपिंग पेयजल योजना की लाइन ऐंचोली में कुछ दिन पूर्व मकान के अंदर फट गई थी। जल संस्थान ने फटी लाइन तो बना दी लेकिन अंदर ही अंदर पानी फिर से लीक होने लगा है। घाट योजना के पाइप 50 साल पुराने हैं। मकान, सड़क के अंदर लाइन कहां लीक हो रही है इसका अभी पता नहीं चल पाया है।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि लीकेज को ढूंढने और बनाने में काफी समय लगता है। जेसीबी से लाइन खोदनी पड़ेगी। लोनिवि से भी इसकी अनुमति लेनी होगी। लीकेज को ढूंढने और उसे ठीक करने में समय अधिक लग सकता है। इसके चलते अभी इसे ठीक नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र लाइन को ठीक किया जाएगा। आंवलाघाट योजना से भी रविवार की सुबह महज 2.08 एमएलडी ही पानी मिला। इसके चलते पेयजल आपूर्ति लड़खड़ाई है।