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आज भी सिर पर ढोई जा रही है राशन सामग्री

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चंपावत जिले के खटोली क्षेत्र में सड़क न होने से सिर में सामान रख कर ले जाते ग्रामीण। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। आजादी के 75 साल बाद भी चंपावत जिले का दूरस्थ तल्ली खटोली ग्राम पंचायत क्षेत्र सड़क से नहीं जुड़ पाया है। इस कारण ग्रामीणों को आज भी राशन समेत दैनिक आवश्यकताओं की सामग्री बाजार से गांव तक सिर पर ढोनी पड़ती है। मरीजों को भी डोली के सहारे सड़क तक पहुंचाना ग्रामीणों की मजबूरी बन गई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि वह सड़क की मांग लंबे समय से उठाते आ रहे हैं मगर कोई सुनवाई नहीं हुई है। जिले के अधिकतर गांवों तक सड़कों का जाल बिछाया जा चुका है लेकिन तल्ली खटोली को इससे वंचित रखा गया है। उन्होंने बताया कि सड़क नहीं होने से छात्रों को जंगल के खतरनाक रास्तों से स्कूल जाना पड़ता है। खटोली क्षेत्र के भाड़ी, चूबी, भींजर, भल्या, गोला, कठाड़, रमानडाली, खोला, बुंगा सहित कई अन्य तोकों के ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब मुख्यमंत्री की विधानसभा सीट में शामिल होने के कारण सड़क का निर्माण जल्द हो सकेगा।
मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना में शामिल है खटोली
चंपावत। जिले में बुनियादी सुविधाओं की कमी वाले 43 ग्राम पंचायतों में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना संचालित की जा रही है जिनमें तल्ली खटोली ग्राम पंचायत भी शामिल है। इसके बावजूद ग्रामीणों का गांव छोड़कर जाने का क्रम जारी है। वर्तमान में गांव की आबादी 200 से भी कम रह गई है। ग्रामीण मनोज दत्त भट्ट, दीपक बोहरा, कृष्ण सिंह, जीत राम, दीपक सिंह, भरत सिंह आदि के अनुसार सड़क नहीं होने से यहां के किसान बाजार तक अपने उत्पादों को भी नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
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वृद्धावस्था पेंशन लाने के लिए लगते हैं दो दिन
चंपावत। सड़क के अभाव में तल्ली खटोली क्षेत्र के बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन लाने के लिए दो दिन का समय लगता है। पेंशन निकालने के लिए बैंक तक जाने के लिए बुजुर्गों को पहले दिन पैदल चलकर सड़क तक पहुंचना होता हैं और वह दूसरे दिन घर वापसी करते हैं।
मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के तहत चिह्नित गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। तल्ली खटोली के ग्रामीणों की आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए सड़क निर्माण किया जाएगा। -आरएस रावत, सीडीओ, चंपावत।
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