चंपावत। जिले के मैदानी क्षेत्र बनबसा में पूर्णागिरि और पहाड़ी क्षेत्र के लोहाघाट के मानेश्वर में गोट वैली स्थापित की जा रही है। गोट वैली की स्थापना के बाद क्षेत्र के बकरी पालकों की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और आमदनी में भी इजाफा होगा।
पशुपालन विभाग पूर्णागिरि और मानेश्वर को गोट वैली के रूप में विकसित करेगा। गोट वैली योजना के तहत लाभार्थी को 10 बकरी और एक बकरा खरीद पर 30 हजार रुपये की राजकीय सहायता राशि भी दी जाएगी। पूर्णागिरि गोट वैली में जिला सेक्टर से 100 यूनिट और मानेश्वर गोट वैली में राज्य सेक्टर से 80 यूनिट बकरी उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिले के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में बकरी पालन (गोट वैली) की स्थापना के लिए काश्तकारों को तीन वर्ष के लिए लगभग 11 फीसदी ब्याज पर उत्तराखंड भेड़ बकरी पालक सहकारी समिति से 30 हजार का ऋण भी दिया जाएगा। डिप्टी सीवीओ डॉ. एनपी आगरी ने बताया कि पशुपालन विभाग चंपावत की ओर से क्षेत्र के बकरी पालकों के लिए गोट वैली (बकरी घाटी) की स्थापना की जा रही है। पशुपालकों को बकरी पालन प्रशिक्षण के साथ-साथ ऋण की भी सुविधा दी जाएगी। संवाद
ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन
चंपावत। गोट वैली योजना के तहत आवेदक को आनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके बाद व्यक्ति का उत्तराखंड सीप एंड वूल विकास बोर्ड में पंजीकरण किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को सहकारी समिति का सदस्य होना आवश्यक है। योजना के लिए सामान्य, एससी और एसटी वर्ग के लोग आवेदन कर सकते हैं।
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कोट
जिले के पूर्णागिरि में 100 और मानेश्वर में 80 यूनिट से गोट वैली की शुरुआत की जाएगी। बकरी पालकों को बकरियों के साथ एक बकरा क्रय करने पर 30 हजार की राजकीय सहायता भी जाएगी। आवेदन ऑनलाइन करना होगा।
डॉ. वंदना गर्ब्याल, सीवीओ चंपावत।