चंपावत जिला अस्पताल में डायलिसिस करते प्रभारी अरविंद बिष्ट। संवाद
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चंपावत। जिला अस्पताल में पानी की कमी से डायलिसिस सेवा प्रभावित हो रही है। इससे डायलिसिस कराने में न सिर्फ अधिक समय लग रहा है बल्कि डायलिसिस की संख्या भी कम हो गई है। सेंटर को तीन हजार लीटर पानी की जरूरत है लेकिन उपलब्धता दो हजार लीटर की ही है। इस कारण डायलिसिस सेंटर में छह के बजाय चार ही डायलिसिस हो पा रहे हैं।
हंस फाउंडेशन ने जुलाई 2022 से जिला अस्पताल में डायलिसिस की तीन यूनिट लगाकर निशुल्क सेवा शुरू की थी। तब हर महीने 140 से अधिक डायलिसिस होती है लेकिन अब यहां डायलिसिस सेवा पर असर पड़ने लगा है। डायलिसिस सेवा के प्रभारी अरविंद बिष्ट का कहना है कि डायलिसिस सेंटर में पानी की कमी के कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीएमएस डॉ. एचएस ऐरी का कहना है कि जल संस्थान से पानी की आपूर्ति बढ़ाने की मांग की गई है। जल संस्थान ने टैंकर के जरिये वैकल्पिक व्यवस्था के प्रयास किए हैं।
बोरिंग कर दिया जा रहा पानी : सीएमओ
चंपावत। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि अस्पताल के लिए बोरिंग से जिला अस्पताल को सात हजार लीटर पानी रोज मिलने लगेगी। जिला अस्पताल में तेईस लाख रुपये से पानी की व्यवस्था की जाएगी। बोरिंग का काम 90 प्रतिशत हो चुका है। सिर्फ स्टार्टर लगना है।
जिला अस्पताल की पेयजल लाइन में पानी कम होने से किल्लत हो रही है। टैंकर से पानी की आपूर्ति कराई जा रही है। अस्पताल के लिए बोरिंग के जरिये पानी की व्यवस्था कराई जाएगी।
- हेमंत फुलारा, एएई, जल संस्थान।