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सड़क नहीं होने से सेनानियों के गांव वाले परेशान

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सेनानियों के गांव आमखर्क में सड़क सुविधा न होने से इस हाल में जी रहे हैं लोग। संवाद - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। यहां से 53 किमी दूर सूखीढांग धूरा क्षेत्र का आजादी की जंग में अमूल्य योगदान रहा है। इस क्षेत्र के आमखर्क गांव से ही चार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दिए हैं लेकिन यह गांव अब भी सड़क नहीं होने से विकास की मुख्य धारा से दूर है। सेनानी परिवारों का कहना है कि सड़क नहीं होने का खामियाजा यहां के 25 परिवार भुगत रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने भेषज विभाग की पौधशाला के लिए कुछ साल पहले निशुल्क जमीन देने का प्रस्ताव दिया था लेकिन सड़क नहीं होने से विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूर नहीं किया।
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चार सेनानियों (पंडित रामचंद्र चौड़ाकोटी, बेनीराम चौड़ाकोटी, पदमादत्त चौड़ाकोटी और बची सिंह राना) के गांव आमखर्क तक सड़क नहीं है। बृजनगर से यहां पहुंचने के लिए ग्रामीणों को 1.25 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों, बीमार और स्कूली बच्चों को आती है। सड़क नहीं होने से अस्पताल और आठवीं से आगे की पढ़ाई के लिए तीन किमी दूर जौल जाना पड़ता है।
अदरक के लिए मशहूर इस क्षेत्र के कृषि उत्पादों को सड़क तक पहुंचाने में भी मेहनत के अलावा रुपये खर्च होते हैं। सेनानी परिवारों का कहना है कि सड़क नहीं होने से लोग तेजी से गांव छोड़ रहे हैं। राज्य बनने के वक्त यहां 71 परिवार थे जो अब मात्र 25 रह गए हैं। संवाद
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सड़क के अलावा स्कूल और अस्पताल भी नहीं
चंपावत। क्षेत्र में सड़क की कमी केवल आवाजाही ही नहीं अन्य आधारभूत सुविधाओं से भी दूर कर रही है। क्षेत्र में स्वास्थ्य की सुविधाएं नदारद हैं। इलाज के लिए गांव के लोग 25 किमी दूर टनकपुर अस्पताल जाते हैं। आठवीं से आगे की पढ़ाई भी पांच किमी दूर श्यामलाताल में मिलती है जबकि बैंक के काम के लिए लोग टनकपुर जाने को मजबूर है। संवाद
सेनानी गांव आमखर्क तक सड़क की मांग पूरी नहीं होने से लोग परेशान हैं। सड़क की कमी से विकास कार्य भी बाधित हैं। अब क्षेत्र के लोग पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिन 25 दिसंबर से आंदोलन करेंगे। -महेश चौड़ाकोटी, प्रदेश संगठन मंत्री, सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण संगठन।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गांव आमखर्क को सड़क से जोड़ने के लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसे लेकर लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए जा रहे हैं। -नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत।
पूर्णागिरि सड़क पर गड्ढों से श्रद्धालु परेशान
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम तक जाने वाली ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर सड़क को राज्य राजमार्ग का दर्जा तो दे दिया गया है लेकिन न तो इस सड़क को चौड़ा किया गया है और न इसकी मरम्मत ही की गई है। सात किमी लंबी इस सड़क पर काफी जगह गड्ढे बने हैं जिससे वहां रहने वालों के साथ ही श्रद्धालुओं को भी काफी दिक्कत होती है।
लोगों ने इस वर्ष दो अप्रैल को मां पूर्णागिरि दर्शन के लिए आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सड़क की मरम्मत की मांग की थी जिस पर सीएम ने ठुलीगाड़-भैरव मंदिर सड़क की मरम्मत कर इसे जिला मार्ग से उच्चीकृत कर राज्य राजमार्ग के दायरे में लाने का एलान किया था। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बरसात के बाद इस सड़क पर कई स्थानों पर चलना मुश्किल हो जाता है। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी, पंडित नीरज पांडेय, पंडित मोहन पांडेय ने इस सड़क की मरम्मत की मांग की है। वहीं लोनिवि के एई विभोर गुप्ता का कहना है कि सड़क की मरम्मत के लिए आपदा मद में बजट की मांग की है। संवाद
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