लोहाघाट (चंपावत)। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे, बुजुर्ग, महिला, पुरुष होली के रंग में रंगे हैं। लोहाघाट, पाटी, बाराकोट विकासखंड में होली अपने पूरे यौवन पर आ गई है। नगर लोहाघाट, कलीगांव, बिशुंग, गुमदेश, रौंसाल, दिगालीचौड़, पुल्ला, रायनगर चौड़ी, फोर्ती, सुंई, खूनाबोरा, बाराकोट, सिमलखेत, रैघांव, खेतीखान, पाटी, रीठासाहिब, देवीधुरा, भिंगराड़ा आदि क्षेत्रों में होल्यारों ने रघुवर से बैर करो न पिया, लौटा दो तुम उनकी सिया, हरि धरें मुकुट खेलें होरी, तुम तो भई तपवान कालिका कलियुग में अवतार लियो, भलो भलो जनम लियो श्याम राधिका, भलो जनम लियो मथुरा में, गिरिजा सुत गणपति विघ्र हरो, सब घर मंगल काज करो, सुमिरो सीता राम भया कोई हीरा जनम ना पाओगे आदि होली गीतों का गायन कर रहे हैं। क्षेत्र में खड़ी होली के साथ बैठकी होली की भी महफिल सजने लगी हैं। संवाद