लोहाघाट (चंपावत)। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि अद्वैत मायावती आश्रम देश-विदेश के लोगों को आध्यात्म की ओर आकर्षित करता है। यहां की प्रकृति तनाव मुक्त करने में मददगार है। देशवासियों के साथ ही विदेशियों को भी एक बार मायावती आश्रम आकर ध्यान केंद्र का लाभ उठाना चाहिए।
दो दिनी भ्रमण कार्यक्रम के तहत रविवार को राज्यपाल मायावती आश्रम पहुंचे और अद्वैत मायावती आश्रम की 12वीं जयंती कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद की देवभूमि उत्तराखंड के प्रति अगाध श्रद्धा थी, वह हिमालय से प्रेम करते थे। मायावती आश्रम में मनुष्य को दिव्यता, भव्यता, शुद्धता और पवित्रता की अनुभूति होती है। राज्यपाल ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद की बातों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने आश्रम के संस्थापक सेवियर दंपती और स्वामी स्वरूपानंद को भी याद किया।
राज्यपाल ने ध्यान कक्ष में ध्यान लगाया और कहा कि ध्यान वाला स्थान चमत्कारिक है जहां मस्तिष्क में एक अलग ही शांति की अनुभूति होती है। बाद में उन्होंने धर्मार्थ अस्पताल के अध्यक्ष स्वामी शुद्धिदानंद से अस्पताल के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मायावती आश्रम में संचालित हो रहे धर्मार्थ चिकित्सालय की सेवाओं और सुविधाओं की सराहना की।
इस दौरान राज्यपाल और अन्य अतिथियों की ओर से इंटरनल वैल्यूज फॉर ए चेंजिंग सोसाइटी और आश्रम के 125 वर्षों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फोटो एल्बम पुस्तकों का विमोचन किया। कार्यक्रम को बेलूर विवेकानंद विश्वविद्यालय के चांसलर प्रो. स्वामी आत्म प्रियानंद, रामकृष्ण मठ के वरिष्ठ संरक्षक और रामकृष्ण आश्रम मैसूर के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिदानंद ने भी लोगों को संबोधित किया। बाद में राज्यपाल ने आईटीबीपी में सैन्य अधिकारियों और जवानों के साथ संवाद किया। इस दौरान डीएम नवनीत पांडे, एसपी अजय गणपति, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम रिंकू बिष्ट आदि मौजूद रहे।