चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्वाचन क्षेत्र वाले चंपावत जिले को 17 दिन बाद नए डीएम मिले हैं। चंपावत जिला 25 जुलाई से बगैर डीएम के था। 2015 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नवनीत पांडेय ने शुक्रवार को 23वें डीएम के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। इससे पूर्व उन्होंने इंसाफ के धाम गोल्ज्यू मंदिर जाकर आशीर्वाद लिया।
डीएम ने आपदा से निपटने के अलावा 31 अगस्त को देवीधुरा में होने वाले बगवाल मेले के आयोजन की शानदार व्यवस्था को प्राथमिकता बताया। नवागत डीएम ने कहा कि आपदा में बचाव और राहत के काम में तेजी लाई जाएगी। स्वांला सहित कुछ जगह राष्ट्रीय राजमार्ग जोखिमभरा है। इसकी मरम्मत के साथ रात को एनएच पर वाहनों की आवाजाही पर सुरक्षा के मद्देनजर सख्ती से रोक रहेगी। जिले को आदर्श रूप देने के मुख्यमंत्री के लक्ष्य को विभागीय अधिकारियों की मदद से पूरा किया जाएगा। योजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ बजट का कतई दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। इससे पूर्व एडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने नवागत डीएम का स्वागत किया।
चंपावत जिले से ही हुई थी करिअर की शुरुआत
चंपावत। सौम्य और ईमानदार अफसर की छवि रखने वाले आईएएस नवनीत पांडेय के करिअर की शुरुआत चंपावत जिले से ही हुई थी। 2002 में उत्तराखंड के पहले बैच के पीसीएस अधिकारी पांडेय की प्रशिक्षण के बाद पहली तैनाती टनकपुर तहसील में हुई थी। वे टनकपुर में मई 2006 से सितंबर 2007 तक एसडीएम रहे। 2015 में आईएएस कैडर मिलने के बाद भी उन्हें डीएम के रूप में पहले नियुक्ति चंपावत जिले में मिली।
डीएम नवनीत पांडेय की प्रोफाइल:
मई 2006 को पूर्णागिरि (टनकपुर) के एसडीएम से करिअर की शुरुआत। उसके बाद देहरादून और धारचूला में एसडीएम रहे, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में एडीएम, शहरी विकास निदेशालय में अपर निदेशक, पौड़ी के सीडीओ, आईएएस प्रशिक्षण संस्थान मसूरी में दो साल की प्रतिनियुक्ति पर सेवा दी, एटीआई नैनीताल में अपर निदेशक, अल्मोड़ा के सीडीओ, शहरी विकास निदेशक, आईसीडीएस के निदेशक और अपर सचिव।