सतीश जोशी सत्तू
चंपावत। जिले के लोहाघाट विकासखंड के सीमांत मड़ पसौली में स्थित कामधेनु वात्सल्य सेवा संस्थान की ओर से दीपावली पर्व पर गाय के गोबर से बनाए गए दीये बाजार में उतारे गए हैं। संस्थान की ओर से दो वर्ष पूर्व प्रायोगिक तौर पर गोबर के दीपक तैयार करने के बाद इस बार बड़े पैमाने पर इन्हें तैयार बाजार में लांच किया गया है।
संस्थान की ओर से इस वर्ष अब तक ऑनलाइन माध्यम से 15 हजार से अधिक दीये बेचे जा चुके हैं। पर्यावरण संरक्षण के नजरिये से लोगों की ओर से मिट्टी के दीयों के स्थान पर गोबर से तैयार किए गए दीयों को खास तवज्जो दी जा रही है। संस्थान की ओर से लंबे अनुसंधान के बाद लकड़ी के बुरादे के मिक्सर के साथ ही गोबर को मिलाकर दीये तैयार करने के लिए आधुनिक उपकरण स्थापित किए गए हैं।
इनमें लंबे समय तक उपयोग में लाने वाले दीये तैयार किए जा रहे हैं। संस्थान के संचालक पंडित शंकर दत्त पांडेय के अनुसार कामधेनु वात्सल्य सेवा संस्थान की ओर से ऑनलाइन माध्यम के अलावा 30 हजार से अधिक दीयों की बिक्री की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि हरिद्वार, देहरादून, बरेली आदि स्थानों से भी गोबर के दीयों को लेकर लगातार ऑनलाइन मांग आ रही है। संवाद
धूप और अगरबत्तियां भी हो रही हैं तैयार
चंपावत। दिवाली पर्व पर संस्थान की ओर से सौ रुपये के पैकेट में 30 दीये उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गोबर के दीये बनाने के अलावा संस्थान की ओर से आधुनिक मशीनों के माध्यम से गाय के गोबर से धूप और अगरबत्तियां भी तैयार की जा रही हैं। संवाद