चंपावत। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को आजादी के अमृत महोत्सव की बड़ी सौगात मिलनी है। जिले के चारों विकासखंडों में कांपैक्टर मशीन 15 अगस्त से पहले काम करने लगेंगी। इस मशीन के जरिए एकल उपयोग प्लास्टिक (सिंगल यूज प्लास्टिक) कचरे का निस्तारण होगा। कचरे को कांपैक्ट कर इसकी बिक्री से आमदनी भी होगी।
जिले के चंपावत में नायकगोठ, लोहाघाट में पाटनपाटनी और पाटी ब्लॉक में कांपैक्टर में बिजली संयोजन भी लग गए हैं। बाराकोट ब्लॉक बिजली संयोजन इस सप्ताह लग जाएगा। कांपैक्टर मशीन का काम पॉलीथिन और प्लास्टिक को छोटा रूप देकर निस्तारित करना है। मशीन के जरिए प्लास्टिक कचरे का वजन महज 15 प्रतिशत रह जाता है। चंपावत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजाना औसतन 25 टन जैविक और अजैविक कूड़ा निकलता है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी भगवत पाटनी का कहना है कि कांपैक्टर के संचालन स्वतंत्रता दिवस से पहले कर दिया जाएगा।
कोट
चंपावत के तीन विकासखंडों के कांपैक्टर मशीन के संचालन के लिए बिजली का 500 किलोवाट का संयोजन लगाया जा चुका है। बाराकोट में में चार दिन में संयोजन लगा दिया जाएगा।
- उमकांत चतुर्वेदी, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम, चंपावत खंड।
बाक्स
लोहाघाट पहले से कर रहा कचड़ा बेच कमाई
चंपावत। जिले में लोहाघाट नगरपालिका कचड़ा बेच कमाई करने वाली पहली पालिका है। चेयरमैन गोविंद लाल वर्मा का कहना है कि ढाई साल में प्लास्टिक की पन्नी, बोतलों, पॉलीथिन आदि एकल उपयोग प्लास्टिक से पालिका 70 हजार रुपये से अधिक आय कर चुकी है।