लोहाघाट का जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान भवन। संवाद
लोहाघाट (चंपावत)। चुनावों के दौरान युवाओं के लिए बड़ी-बड़ी बातें करने वाले राजनैतिक दल चुनाव बीतने के बाद युवाओं को भूल जाते हैं। सरकारों को युवाओं की दिक्कतों से कोई लेना देना नहीं रहता है। इसका उदाहरण लोहाघाट के जिला संसाधन केंद्र को उच्चीकृत कर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बने 10 साल बीतने के बावजूद भी यहां डीएलएड प्रशिक्षण की मान्यता नहीं मिल पाई है। जिस वजह से चंपावत के युवाओं को प्रशिक्षण लेने पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट डायट में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
वर्ष 2006 में लोहाघाट में जिला संसाधन केंद्र की स्थापना की गई थी। इसे वर्ष 2013 में उच्चीकृत कर डायट का दर्जा मिल गया। चंपावत जिले में प्रतिवर्ष 50 युवाओं का डीएलएड के लिए चयन होता है। एनसीटीई की ओर से डीएलएड प्रशिक्षण की मान्यता न दिए जाने के बाद वर्ष 2015 से यहां प्रशिक्षण शुरू नहीं हो सका। लोहाघाट डायट में पर्याप्त स्टाफ, आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां डीएलएड प्रशिक्षण की मान्यता न होने से चंपावत जिले के युवाओं को करीब सवा सौ किमी दूर डीडीहाट जाकर प्रशिक्षण लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। जहां आवासीय सुविधा न होने से युवा मंहगा किराया चुकाने को मजबूर हैं।
बाक्स बहुउदेश्यीय भवन न होने पर एनसीटीई ने नहीं दी थी मान्यता
लोहाघाट(चंपावत)। वर्ष 2015 में एनसीटीई की टीम ने लोहाघाट डायट में डीएलएड प्रशिक्षण शुरू कराने के लिए व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था। एनसीटीई टीम ने यहां मानकों के अनुरूप बहुउदेश्यीय भवन न होने का हवाला देते हुए डीएलएड प्रशिक्षण के लिए मान्यता नहीं दी गई।संवाद
कोट
वर्तमान में चंपावत जिले के चयनित करीब 70 प्रशिक्षुओं को डीडीहाट डायट में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डीएलएड प्रशिक्षण शुरू करने की मान्यता प्रदान करने के लिए एनसीटीई से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। डीएम ने सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन को पत्र भेजा है। सचिव की ओर से एनसीटीई के अध्यक्ष को पत्र लिखा गया है।
दिनेश चंद्र खेतवाल, प्राचार्य डायट लोहाघाट।