देवीधुरा (चंपावत)। 27 अगस्त से शुरू होकर 15 दिन तक चलने वाले देवीधुरा के बगवाल मेले में धर्म, मान्यता, परंपरा और संस्कृति की छटा बिखरेगी। बगवाल रक्षाबंधन के दिन 31 अगस्त को होगी। शनिवार शाम को मंदिर परिसर में हुई बैठक में डीएम नवनीत पांडे ने कहा कि देवीधुरा के मेले को भव्य बनाने के साथ सुविधाओं को और बेहतर किया जाएगा। मेले में 30 अगस्त से दो सितंबर तक क्षेत्र के स्कूल बंद रहेंगे। चार खाम (चम्याल, गहरवाल, लमगड़िया और वालिग) सहित कुल सात थोकों के योद्धा रक्षाबंधन के दिन पूजा-अर्चना के बाद देवी को प्रसन्न करने के लिए फल-फूलों से बगवाल खेलते हैं।
शनिवार को मां बाराही धाम परिसर में पीठाचार्य पंडित कीर्तिबल्लभ जोशी के संचालन में हुई बैठक में बताया गया कि साढ़े छह किमी की परिधि में होने वाले मेले में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। पुलिस के दो बैरियरों के साथ ही पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी लगाए जाएंगे। यातायात, पेयजल, बिजली, वाहन पार्किंग सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को भी अंंतिम रूप दिया गया। लोहाघाट की एसडीएम रिंकू बिष्ट मेला मजिस्ट्रेट और जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी भगवत पाटनी मेलाधिकारी होंगे।
बैठक में एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, सीओ वीएस कुटियाल, ब्लॉक प्रमुख सुमनलता, मंदिर समिति के संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, अध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, महामंत्री रोशन सिंंह लमगड़िया, उपाध्यक्ष रमेश सिंह राणा, कोषाध्यक्ष दीपक चम्याल, गहरवाल खाम के मुखिया त्रिलोक सिंह, चम्याल खाम के गंगा सिंह, वालिक के बद्री सिंह, लमगड़िया खाम के वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
ये निर्णय लिए गए
देवीधुरा में 29 अगस्त को बहुउद्देश्यीय शिविर लगाया जाएगा।
स्वास्थ्य केंद्र देवीधुरा अस्पताल के अलावा मेला स्थल पर शिविर लगेगा।
पर्यावरण मित्रों की तैनाती और अस्थायी शौचालय के निर्माण किया जाएगा।
मेलावधि में पेयजल के दो टैंकर रखे जाएंगे।
बगवाल के दिन देवीधुरा की शराब की दुकान बंद रहेगी। मीट मांस की दुकानें मेला क्षेत्र से बाहर रहेंगी।
आवास की व्यवस्था के चलते क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों, पंचायत घरों, विश्राम गृहों को आरक्षित रखा जाएगा।
खेलकूद, सामान्य ज्ञान सहित कई प्रतियोगिताएं होंगी।