पाटी (चंपावत)। मां बाराही धाम देवीधुरा में आठ अगस्त से शुरू होने वाले बग्वाल मेले को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। बृहस्पतिवार को एसपी ने देवीधुरा धाम जाकर पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मंदिर समिति के साथ मंत्रणा कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। साढ़े पांच किलोमीटर के मेला क्षेत्र में दो जगह पार्किंग स्थल बनाया जाएगा। आठ अगस्त से शुरू होने वाले 12 दिनी मेले में बग्वाल 12 अगस्त को होगी।
बग्वाल के दिन हल्द्वानी की ओर से देवीधुरा आने वाले वाहन और लोहाघाट से देवीधुरा जाने वाले वाहनों को पार्क करने के लिए बाहरी क्षेत्र में व्यवस्था की गई है। यातायात व्यवस्था में पुलिस कर्मियों के अलावा एनसीसी कैडेटों और स्काउट गाइड भी मदद करेंगे। मेला क्षेत्र में 12 से अधिक सीसीटीवी लगाए जाएंगे। बग्वाल के दिन आवाजाही वन वे रहेगी। दोपहिया वाहनों का संचालन बंद रहेगा। हुड़दंगियों से निपटने के लिए सादी वर्दी में पुलिस बल तैनात रहेंगे। एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि आठ अगस्त से पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों को मुस्तैद किया जाएगा। अलबत्ता 12 अगस्त को बग्वाल के दिन अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया जाएगा।
मंदिर के पीठाचार्य पंडित कीर्ति बल्लभ जोशी ने मेले में शांति व्यवस्था और भव्यता के लिए सुझाव दिए। बताया कि समिति भी स्वयंसेवक तैनात करेगी। बाद में मंदिर समिति के साथ एसपी ने अस्थायी हेलीपैड, राजस्व भवन के गेस्ट हाउस का निरीक्षण किया। मंदिर कमेटी अध्यक्ष खीम सिंह लमगड़िया ने बताया कि बग्वाल में विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या भी प्रतिभाग करेंगी।
बैठक में बिशन सिंह चम्याल, राजू बिष्ट, ईश्वर बिष्ट, नवीन राणा, चंदन बिष्ट, लक्ष्मी दत्त जोशी, मनोज कठायत, प्रकाश महरा, चेतन चम्याल, तारा चम्याल, विनोद चम्याल आदि मौजूद रहे।
... और हो गए देवी दर्शन!
पाटी (चंपावत)। मां बाराही धाम देवीधुरा में पार्किंग स्थल के बाद एसपी देवेंद्र पींचा मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ राजस्व विभाग के गेस्ट हाउस का निरीक्षण करने के लिए गए। जंगल के करीब के इस गेस्ट हाउस का उपयोग मेले के दौरान पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मियों के लिए आवासीय व्यवस्था में होना है। इसी बीच एसपी और मंदिर समिति के पदाधिकारियों को गेस्ट हाउस के भीतर पहले कमरे में तेंदुआ मिल गया। मुआयने को गया दल पीछे हट गया। कुछ देर में तेंदुआ गेस्टहाउस से बाहर आकर जंगल की ओर चल दिया। पीठाचार्य पंडित कीर्ति बल्लभ शास्त्री ने इसे देवी दर्शन बता शुभ बताया।