चंपावत। यहां से 45 किमी दूर पाटी ब्लॉक से मंगलवार को जिला अस्पताल आईं गर्भवती हेमा जोशी, भावना देवी, नेहा सोराड़ी, दीपा सोराड़ी, धनी मेहता, अनीता मेहता को अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लटका होने से मायूसी मिली। ये महिलाएं आशा कार्यकर्ता प्रभा के साथ आई थीं। बाद में इनका परीक्षण निजी अस्पताल में कराया गया। इसके लिए प्रत्येक महिला को 100 रुपये पर्ची शुल्क सहित 1600 रुपये चुकाने पड़े। इन महिलाओं के अलावा चंपावत और लोहाघाट के सरकारी अस्पतालों में 30 से अधिक दूसरे लोग भी अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लटका देख बैरंग लौटे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का लक्ष्य अपने विधानसभा क्षेत्र वाले चंपावत जिले को वर्ष 2025 तक प्रदेश का आदर्श जिला बनाने का है लेकिन जिले की बीमार स्वास्थ्य व्यवस्था उनके इस नेक इरादे के आड़े आ रही है। जिले के पहाड़ी हिस्से में मंगलवार को लोगों को सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड परीक्षण के लिए जूझना पड़ा।
चंपावत जिला अस्पताल और लोहाघाट उप जिला अस्पताल में परीक्षण नहीं होने से लोगों को न केवल परेशान हुई बल्कि जेब पर भी मार पड़ी। सरकारी अल्ट्रासाउंड केंद्र बंद होने की सूचना न तो केंद्र के बाहर चस्पा थी और न आशा कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी ही दी गई थी। नतीजतन दूरदराज के लोग पहले लोहाघाट फिर चंपावत के अस्पताल में आकर निराश लौटे। मंगलवार को सिर्फ टनकपुर एसडीएच में अल्ट्रासाउंड परीक्षण किए गए।
तीन दिन से खराब है रीठा साहिब की एंबुलेंस
रीठा साहिब/चंपावत। जिले में अस्पतालों के साथ ही आपात चिकित्सा सेवा 108 की एंबुलेंस की तबियत भी बिगड़ी हुई है। लधिया घाटी के महत्वपूर्ण केंद्र रीठा साहिब की आपात चिकित्सा सेवा 108 की एंबुलेंस तीन दिन से खराब है जबकि एक माह पहले यह एंबुलेंस एक हफ्ते से अधिक समय तक खराब रही थी।
चंपावत जिले में आपात सेवा 108 की दस एंबुलेंस हैं लेकिन रीठा साहिब की एंबुलेंस ठीक नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है। रीठा साहिब में जरूरत होने पर दूसरी जगह से एंबुलेंस भेजनी पड़ रही है इसमें एक घंटे से अधिक का समय लग रहा है। 108 एंबुलेंस सेवा के जिला समन्वयक कमल शर्मा ने बताया कि एंबुलेंस का गियर बॉक्स खराब हुआ है इसे ठीक करने के लिए पिथौरागढ़ भेजा गया है। रीठा साहिब की कॉल को पाटी की एंबुलेंस के जरिये पूरा किया जा रहा है। संवाद
लोहाघाट के रेडियोलॉजिस्ट सोमवार से दो दिन और चंपावत के रेडियोलॉजिस्ट एक दिन के अवकाश में हैं इस वजह से मंगलवार को अल्ट्रासाउंड परीक्षण में दिक्कत आई। दोनों अस्पतालों को परीक्षण नहीं होने की जानकारी आशा कार्यकर्ताओं को दी जानी थी।
- डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
चंपावत जिला अस्पताल में मंगलवार को अल्ट्रासाउंड न होने से परेशान महिलाएं। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : CHAMPAWAT