लोहाघाट (चंपावत)। नगर में लगातार गहराते जा रहे पेयजल संकट को लेकर लोगों ने जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट से वार्ता की। लोगों ने नगर में निर्धारित दिनों में सुचारू रूप से पेयजल आपूर्ति करने की मांग की।
राज्य आंदोलनकारी राजू गड़कोटी के नेतृत्व में सहायक अभियंता से मिले लोगों का कहना था कि नगर में लोगों को तीसरे या चौथे दिन मात्र 20 से 30 मिनट ही पानी मिल पा रहा है। इससे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने पेयजल के स्थाई समाधान के लिए कोलीढेक झील या सरयू नदी से लिफ्ट पेयजल योजना बनाने की मांग की। लोगों ने कहा कि उनके मोहल्लों में तय किए गए दिनों में भी पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। सहायक अभियंता बिष्ट ने कहा कि दो दिन बिजली कटौती की वजह से पेयजल समस्या पैदा हुई थी। शीघ्र समस्या का समाधान कर लिया जाएगा। मांग करने वालों में विवेक ओली, लोकेश पांडेय, पवन पांडेय आदि थे।
बता दें कि नगर में पेयजल किल्लत से लोग काफी परेशान हैं। लोहाघाट नगर के लिए मांग के अनुरूप मात्र करीब 22 फीसदी ही पानी मिल पा रहा है। नगर में प्रतिदिन 2160 केएल पानी की जरूरत के सापेक्ष मात्र 480 केएल ही पानी मिल पा रहा है। इसमें चौड़ी लिफ्ट पेयजल योजना से 400 केएल, बनस्वाड़ व फोर्ती योजना से 30 केएल और ऋषेश्वर नलकूप से 50 केएल पानी की आपूर्ति हो रही है। उसमें भी लोगों को मात्र 20 से 30 मिनट तक तीसरे या चौथे दिन पानी मिलता है। लोगों की निर्भरता पूर्ण रूप से हैंडपंप, नौलों, धारों में टिक गई है।
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नगर की सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। लोग पानी का बिल तो पूरे महीने का देते हैं लेकिन 10 दिन भी सही ढंग से उन्हें पानी नहीं मिल पाता है। पेयजल समस्या के समाधान के लिए पालिका की ओर से सोलर हैंडपंप आदि लगाए गए हैं जिससे लोगों को कुछ राहत मिल रही है। - गोविंद वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष, लोहाघाट।
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पेयजल समस्या के समाधान के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है। न्यायिक बंदीगृह लाइन में प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति होती है। जब तक नगर के लिए कोई बड़ी पेयजल योजना का निर्माण नहीं होता, पेयजल समस्या बनी रहेगी। - पवन बिष्ट, सहायक अभियंता, जल संस्थान।