लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के दूरस्थ भारत-नेपाल सीमा पर महाकाली नदी तट पर स्थित नागार्जुन मंदिर में सात नवंबर की रात नगरूंघाट मेला लगेगा। मेले को पूर्ण रूप से नशा मुक्त रखने का निर्णय लिया गया।
मेले की तैयारियों को लेकर समिति अध्यक्ष जगदीश चंद्र कलौनी की अध्यक्षता और कमल बोहरा के संचालन में बैठक हुई। तय किया गया कि इस बार मेले में पारंपरिक देवरथों और देव जत्थों के साथ ही झोड़े झुमटे को प्रोत्साहित करने की प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मेले को नशा मुक्त रखने, शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत करने के लिए पुलिस और एसएसबी की तैनाती की मांग डीएम से की जाएगी। बरसात के दौरान खराब हुई सड़क के सुधारीकरण की भी मांग की जाएगी। मुखिया पुजारी गंगादत्त पांडेय ने बताया कि सात नवंबर की रात मेले के बाद आठ नवंबर को चंद्रग्रहण के चलते निर्धारित समयानुसार मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे। बैठक में विक्रम सिंह सामंत, प्रेम सिंह, गणेश सिंह बोहरा, शंकर सिंह पुजारी, पुष्कर सिंह बोहरा, डॉ.सतीश चंद्र पांडेय, मोहन चंद, रमेश चंद आदि मौजूद थे।
आयोजन को लेकर गठित की गईं समितियां
लोहाघाट (चंपावत)। नगरूंघाट मेले के सफल आयोजन को लेकर बैठक में विभिन्न समितियों का गठन किया गया जिसके लिए रमेश चंद, ग्राम प्रधान चंद्रकांत तिवारी, शुक्र सिंह पुजारी, कैलाश सिंह सामंत, प्रकाश सिंह सामंत, बहादुर चंद, जय दत्त पांडेय, पुष्कर सिंह बोहरा, ईश्वर सिंह बोहरा, त्रिलोक सिंह सामंत, महेंद्र सिंह बोहरा, भुवन चंद्र भट्ट, मनोहर पांडेय आदि को विशेष दायित्व सौंपे गए। संवाद