लोहाघाट (चंपावत)। नगर में किराये पर रहने वाली इंजीनियरिंग की छात्रा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे के भीतर फंदे पर लटका मिला। घटनास्थल से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
नगर के तल्ली चांदमारी में किराये पर रहने वाली सिविल इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा काव्या विश्वकर्मा (18) पुत्री जगदीश कुमार का शव मंगलवार देर शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे में फंदे पर लटका मिला। घटना का पता लगने पर आसपास के लोग रात में 108 आपात सेवा से उसे लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय ले गए। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सोनाली मंडल ने बताया कि काव्या की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। थाना प्रभारी मनीष खत्री ने बताया कि परिजनों को घटना की सूचना देने के बाद वह भी पहुंच गए थे। पोस्टमार्टम के बाद छात्रा का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। मृतका के पिता ने बताया कि काव्या भागीरथी संस्थान में सिविल इंजीनियरिंग में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना को लेकर अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। मामले की जांच एसआई रिनी चौहान कर रही हैं।
तीन दिन पहले ही नए कमरे में शिफ्ट हुई थी काव्या
लोहाघाट (चंपावत)। न कोई सुसाइड नोट और न ही किसी पर कोई संदेह उसके बावजूद छात्रा का संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटका मिला शव पुलिस के लिए भी पहेली बना हुआ है। नए कमरे में शिफ्ट होने के तीन दिन बाद ही छात्रा की इस तरह से मौत हो गई।
मूल रूप से एबटमाउंट लोहाघाट निवासी इंजीनियरिंग की छात्रा काव्या का परिवार वर्तमान में टनकपुर में रहता है। उसके पिता जगदीश कुमार कृषि विज्ञान केंद्र पिथौरागढ़ में संविदा पर कार्यरत हैं। दो भाई-बहनों में बड़ी काव्या अगस्त प्रथम सप्ताह में प्रथम वर्ष की परीक्षा परिणाम में अच्छे अंकों के साथ पास हुई थी।
बेटी को पढ़ाई में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो और वह आराम से अपनी पढ़ाई कर सके इसके लिए बीते रविवार को उसके पिता ने बेटी का कमरा बदलकर तल्ली चांदमारी में शिफ्ट किया था। इसके बाद वह पिथौरागढ़ ड्यूटी में चले गए थे। हर कोई इस घटना से स्तब्ध है। मृतका के पिता का कहना है कि बेटी की मौत पर उन्हें किसी पर भी कोई शक नहीं है। संवाद