सरस मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते स्कूली बच्चे। संवाद
टनकपुर (चंपावत)। सरस मेले की दूसरी शाम कुमाऊंनी गायक खुशी जोशी, गोविंद दिगारी, सुरेश राजन और राकेश पनेरू के नाम रही। खुशी जोशी के अल्मोड़ा अंग्रेज आयो टैक्सी मा, सुरेश राजन के मुंबई की माधुरी, गोविंद दिगारी के पहाड़ छूटी ग्यो और राकेश पनेरू के बसंती छोरी जैसे गीतों पर दर्शक जमकर झूमे। कुमाऊं लोक सांस्कृतिक कला दर्पण के कलाकारों ने भी एक से बढ़कर कुमाऊंनी लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। बागेश्वर के बांसुरी वादक मोहन चंद्र जोशी ने लुप्त हो रही जौयां मुरली की धुन और बांसुरी की धुन पर हुस्न पहाड़ों का गीत सुनाकर समा बांधा।
रावत फार्म में आयोजित सरस आजीविका मेले में सोमवार शाम कुमाऊंनी गायकों और कलाकारों के अभिनय को देखने के लिए काफी भीड़ उमड़ी। लोकगायिका खुशी जोशी, इंडियन ऑइडियल पवनदीप राजन के पिता सुरेश राजन, गोविंद दिगारी, राकेश पनेरू के गीतों पर लोग जमकर झूमे।
संचालन हेमंत बिष्ट, आरजे काव्य और नरेश राय ने किया। मेले के मुख्य सांस्कृतिक संयोजक भैरव दत्त राय, राकेश खनवाल सांस्कृतिक संध्या को बेहतर बनाने में जुटे हैं। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी आरएस रावत, जिला विकास अधिकारी एसके पंत, एपीडी विम्मी जोशी, लघु सिंचाई के एई प्रशांत कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी भट्ट, बीडीओ केएस रावत आदि मौजूद थे।