फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रात में बैरियर नहीं खोलने पर युवक हंगामा काटा, जेल भेजा

Thu, 21 Jun 2018 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत
विज्ञापन
अस्पताल में युवक द्वारा की गई तोड़फोड़ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

पर्वतीय मार्ग पर यातायात के प्रतिबंधित समय पर पुलिस के ककरालीगेट में बंद बैरियर नहीं खोले जाने से कार में सवार एक युवक ने जमकर हंगामा काटा। पहले बैरियर पर तैनात पुलिस कर्मियों से उलझा फिर कोतवाली में तोड़फोड़ करने के साथ एक दरोगा और पुलिस कर्मी को घायल कर दिया। घायल पुलिस कर्मियों और प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक व चिकित्साधिकारी की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया है।  

विज्ञापन

दिल्ली की एक कंपनी में इंजीनियर श्यामलाताल सूखीढांग की जौल ग्राम पंचायत के पोथ गांव सूरज भट्ट (26) पुत्र अशोक चंद्र भट्ट अपनी निजी कार (डीएल1जेडबी/4805) से बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजे ककरालीगेट बैरियर पहुंचा। काफी कोशिश के बाद भी जब पुलिस कर्मियों ने बैरियर नहीं खोला तो सूरज वहां मौजूद पुलिस कर्मियों से उलझने लगा।

इस पर पुलिस कर्मी उसे कोतवाली ले आए। युवक ने कोतवाली में तोड़फोड़ शुरू कर दी। मेडिकल के लिए संयुक्त चिकित्सालय लाने पर आरोपी युवक ने आपात कक्ष में तोड़-फोड़ की। पुलिस कर्मियों के रोकने पर उसने एसआई मोहन चंद्र भट्ट के हाथ और जांघ पर दांत से काट दिया। कांस्टेबल हेम चंद्र भट्ट और मेडिकल परीक्षण कर रहे चिकित्साधिकारी डा. मानवेंद्र सिंह पर भी हमला किया। करीब एक घंटे बाद पुलिस व अस्पताल कर्मियों ने किसी तरह उस पर काबू पाया।
विज्ञापन


घायल उप निरीक्षक के साथ ही प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डा. वीके जोशी एवं चिकित्साधिकारी डा. मानवेंद्र की तहरीर पर आरोपी युवक के खिलाफ आईपीसी की धारा 332, 353, 504, 506, 427 एवं लोक संपत्ति अधिकार अधिनियम की धारा 304 के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।  
अरुण कुमार वर्मा, कोतवाल  

सूरज बोला झूठे आरोप में फंसाया गया
मां के बीमार होने की सूचना पर जल्द घर पहुंचना चाह रहा था, लेकिन पुलिस कर्मियों ने बैरियर नहीं खोला। मेरे ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। पुलिस कर्मियों और अस्पताल में मेडिकल करते वक्त डाक्टर ने ही उसे पीटा था।

सूरज ने जब मां के बीमार होने की बात कहीं तो उन्होंने फोन पर मां से संपर्क किया। इस पर उसकी मां ने सूरज को रात में कार से अकेले घर की ओर न आनेे देने का कहा था।
विज्ञापन

मोहन चंद्र भट्ट, एसआई  

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें