मानव तस्करी के मामले में पुलिस ने आरोपी महिला के पति को भी शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। पूछताछ में पुलिस को मानव तस्करी के बारे में कई चौंकाने वाली बातें पता चली हैं।
पुलिस का दावा है कि पकड़े गए आरोपी पेशेवर मानव तस्कर हैं और इससे पहले भी वे दो-तीन किशोरियों को बेच चुके हैं। यहां बरामद की गई किशोरी का भी दिल्ली में 50 हजार रुपये में सौदा हुआ था। पुलिस चौथे आरोपी महिला के भाई की गिरफ्तारी के प्रयास के साथ मानव तस्करी के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
13 दिसंबर को जौलजीबी के बरम गांव निवासी एक किशोरी टैक्सी चालक मदन कुमार की कार से अकेले टनकपुर पहुंची थी। टैक्सी चालक की सूचना पर पुलिस ने किशोरी एवं किशोरी को लेने आए व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामला मानव तस्करी का निकला।
इसके बाद पुलिस ने रीड्स संस्था के सचिव भुवन गड़कोटी की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी का मुकदमा दर्ज कर चितौरा थाना आलापुर जिला बदायूं निवासी महिला ज्योति शर्मा पत्नी शिवम शर्मा एवं उसके ससुर दिनेश कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया।
शनिवार देर रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ज्योति के पति शिवम शर्मा को भी पकड़ लिया, जबकि ज्योति का बरम जौलजीबी पिथौरागढ़ निवासी भाई सुरेश आर्या अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
आरोपियों से पूछताछ में मानव तस्करी के बारे में चौंकाने वाली बातें पता चली हैं। आरोपी महिला इससे पहले भी पिथौरागढ़ जिले की दो किशोरियों को बहला-फुसला कर बेच चुकी है। इनमें से एक किशोरी दिल्ली तो दूसरी राजस्थान में बेची गई है। किशोरियों को तीस से पचास हजार रुपये में बेचा जाता है।
इस किशोरी का भी दिल्ली में पचास हजार रुपये में सौदा हुआ था। मानव तस्करी में पकड़ी गई महिला इतनी शातिर है कि गांव वालों को उस पर शक न हो इसलिए उसने किशोरी के किसी के साथ भागने की अफवाह फैला दी थी। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर मानव तस्करी के नेटवर्क को हम खंगालने में जुटे हैं।
-अरुण कुमार वर्मा, कोतवाल