नेपाल से आई एक किशोरी को रीड्स संस्था के कर्मियों ने गलत हाथों में पड़ने से बचाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। उसके साथ आया किशोर मौका देखकर सीमा से फरार हो गया।
नेपाल के झलारी वार्ड संख्या 8 जिला कंचनपुर निवासी 15 वर्षीय किशोरी और एक किशोर नेपाल से भारत आ रहे थे। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर सीमा पर तैनात रीड्स संस्था के कार्यकर्ता राजेंद्र बैज और मीरा साउंद ने पूछताछ के लिए उन्हें रोका। इस बीच मौका देखकर किशोर वहां से फरार हो गया। रीड्स संस्था के परियोजना निदेशक जनक चंद ने बताया कि किशोरी अपने साथ किसी किशोर के साथ घर से बिना बताए भारत आ रही थी। उनकी भारत में कहीं काम कर जीवन यापन करने की योजना थी।
भारत में गलत हाथों में पड़ने की आशंका के चलते संस्था ने नेपाली किशोरी के परिजनों को सूचित कर यहां बुलवाया और किशोरी को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। उधर, बीते दिवस टनकपुर में जहरखुरानी गिरोह का शिकार हुई हेमा कुमारी राणा को बनबसा स्थित रीड्स के उज्वला पुनर्वास केंद्र में रखा गया था। मंगलवार को संस्था कर्मी उसे नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर आए।