चंपावत। होली के रंग में यहां खून के छींटे पड़ गए हैं। होली के दौरान खुकरी और चाकू से हुए हमले में एक रिटायर्ड कैप्टन के एक बेटे का कत्ल हो गया, जबकि दो बेटे और एक बहू गंभीर रूप से जख्मी हो गए। तीनों घायलों को हल्द्वानी रेफर किया गया है। हत्या की वजह होली के दौरान हुआ कोई विवाद बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मंगलवार शाम करीब पांच बजे यहां से करीब 5 किमी दूर तल्ली चौकी निवासी रिटायर्ड कैप्टन बिंदु सिंह मौनी के तीन बेटों, एक बहू पर खुकरी और चाकू से हमला कर दिया। हमले में उनके एक बेटे राकेश मौनी (32) की मौत हो गई, जबकि दो बेटे कमल सिंह (36), चंद्रशेखर मौनी (26) और कमल की पत्नी देवकी देवी (33) लहूलुहान हो गए।
बुरी तरह जख्मी तीनों को जिला अस्पताल ले जाया गया। डा.आरके जोशी, डा.प्रदीप बिष्ट ने बताया कि कमल की छाती और पेट, देवकी के गले में कटे का निशान, चंद्रशेखर के पीठ पर गहरा घाव हुआ है। प्राथमिक इलाज के बाद तीनों को आपात चिकित्सा सेवा 108 के जरिए हल्द्वानी भेजा गया।
मौखिक सूचना के आधार पर कोतवाल बीएल विश्वकर्मा ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 307, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। लक्ष्मण सिंह, पवन सिंह के अलावा कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बाजार चौकी इंचार्ज लक्ष्मण सिंह, दरोगा महेश चंद्र ने मौका मुआयना करने के बाद दबिश देकर आरोपी लक्ष्मण को दबोच लिया। लक्ष्मण की निशानदेही पर शेष आरोपियों की खोजबीन की जा रही है। बताया गया कि सोमवार को भी उनके एक पड़ोसी के घर पर खड़ी होली के दौरान इन्हीं लोगों ने विवाद किया था, जिसकी जानकारी पुलिस को दी गई थी।
चंपावत। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला अस्पताल में कोतवाल का घेराव कर आरोपियों को तत्काल दबोचने की मांग की। उनका कहना था कि सोमवार को इन अराजक तत्वों के खिलाफ चौकी गांव की ही एक महिला ने अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की थी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने जल्द ही सभी आरोपियों को दबोचने की मांग की। घेराव करने वालों में पूर्व ब्लाक प्रमुख बहादुर फर्त्याल, उमेश खर्कवाल, विकास साह, शंकर दत्त पांडेय, कैलाश पांडेय, नंदन तड़ागी, जगदीश, दीपक तड़ागी, शिवराज सिंह, विक्की चौधरी आदि शामिल थे। बाद में नाराज लोगों ने शव को पुलिस अधीक्षक आवास पहुंचाकर विरोध जताया।
चंपावत। करीब डेढ़ दशक पूर्व भी चंपावत में होली पर्व के दौरान खून की होली खेली जा चुकी है। तब यहां से करीब 5 किमी दूर एनएच पर स्थित तिलौन गांव में दो महिलाओं की हत्या हुई थीं।