चंपावत में पुलिस के हत्थे चढ़े चालक पप्पू राम के हत्यारे।
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मझेड़ा बस्तियागूंठ में तीन दिन पहले मिले शव मामले का कोतवाली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक बरामद शव वाहन चालक पप्पू राम का था, जिसकी हत्या उसके ही जान-पहचान वाले ड्राइवरों ने 18 दिसंबर को कर दी थी। पुलिस ने चारों आरोपी कैलाश चंद्र, नवीन चंद्र, नरेश चंद्र और रविश चंद्र को हत्या के मामले के साथ एससी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है। पुलिस की ओर से 302, 210 और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बीते शुक्रवार आलीचैड बडपास निवासी युवक पप्पू राम (40) पुत्र जगदीश राम का शव राष्ट्रीय राजमार्ग से तीन सौ मीटर नीचे गहरी खाई से बरामद हुआ था। शव मिलने के बाद पुलिस अनेक पहलुओं से इसकी जांच में जुटी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और शरीर में लगी गंभीर चोट के आधार पर पुलिस ने इसे हत्या मान कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से 150 दूर स्थित एक होटल मालिक से पूछताछ की तो पता चला कि चारों आरोपियों नरेश चंद्र भट्ट निवासी नायल, रवीश चंद्र निवासी स्वांला, नवीन चंद्र, कैलाश भट्ट निवासी बस्तिया मझेड़ा ने 18 दिसंबर की रात होटल में एक साथ भोजन किया और शराब भी पी थी। इस दौरान इन लोगोें का होटल में भोजन कर रहे पप्पू राम से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद चारों ने उसे जाति सूचक शब्द कहकर मारपीट की थी। बकौल होटल मालिक उसने होटल बंद कर दिया तो चारों पप्पू को घसीटते हुए बाहर ले आए, उसके बाद क्या हुआ उसे नहीं पता।
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि चारों आरोपी उनके जात बिरादरी की औरत से पप्पू के संबंधों को लेकर खफा थे। पप्पू से द्वेष भावना रखते थे। चारों ने मिलकर पप्पू को लाठियों से पीटकर उसे मरा समझकर डेढ़ सौ मीटर गहरी खाई में फेंक दिया। पुलिस पूछताछ में उन्होंने हत्या की बात कबूल की है।
धीरेंद्र गुंज्याल, पुलिस अधीक्षक
हत्या के आधे घंटे तक उत्पात मचाते रहे आरोपी
चंपावत। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद चारों हत्यारोपी घटनास्थल पर आधे घंटे तक उत्पात करते रहे और आधे के घंटे बाद मौके से फरार हो गए। दुकानदार भुवन के अनुसार आरोपियों ने मृतक को घसीट-घसीट कर मारा और बाद में गहरी खाई में धकेल दिया।