एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने नेपाल से बहला-फुसला कर लाई जा रही दो किशोरियाें को गलत हाथों में पड़ने से बचा लिया। उन्हें महिला उत्थान में लगी नेपाली संस्था माईते नेपाल के सुपुर्द किया। किशोरियाें को बहला-फुसलाकर कर भारत लाने वाले दो नेपाली युवकों को भी यूनिट ने पकड़कर नेपाली संस्था के सुपुर्द किया है।
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट प्रभारी एसआई मंजू पांडेय, एचसी लक्ष्मण चंद और कांस्टेबल गणेश सिंह बिष्ट अपने कार्यालय के पास शारदा बैराज पर निगरानी कर रहे थे। इसी बीच दो युवक एवं दो नेपाली किशोरियों को यूनिट कार्यकर्ताओं ने शक होने पर रोका और अलग-अलग पूछताछ की। नेपाल के रूपाल डडेलधुरा निवासी युवक टेक बहादुर (18) ने अपने साथ लाई 17 वर्षीय नेपाली किशोरी को अपनी पत्नी बताया, जबकि नेपाल के कोरेगांव बडाल डडेलधुरा निवासी मोहन बहादुर (22) ने अपने साथ लाई 16 वर्षीय किशोरी को अपनी विवाहिता बताया।
कड़ी पूछताछ में दोनों किशोरियाें ने भारत में काम दिलाने की बात कहकर उन्हें यहां लाना बताया। यूनिट कार्यकर्ताओं ने किशोरियों के परिजनों से फोन पर वार्ता की। किशोरियों के अविवाहित होने की पुष्टि होने पर यूनिट कार्यकर्ताओं ने किशोरियों और युवकों को नेपाल पुलिस की मौजूदगी में नेपाली संस्था माईते के सुपुर्द कर दिया। यूनिट प्रभारी ने बताया कि दोनों किशोरियां भी नेपाल के डडेलधुरा की रहने वाली हैं। मामला नेपाल का होने के कारण युवकों पर कार्रवाई नेपाल पुलिस करेगी।