शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए अध्यापक की कुर्सी पर बैठा शख्स बर्खास्त भले ही कर दिया गया हो, मगर यह नटवर लाल अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है। वहीं शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षक के बैंक खाते में शिफ्ट हुई दो माह के वेतन की रकम को खाता सीज कर राजकोष में जमा करा लिया है।
शिक्षण अर्हता प्रमाणपत्र (टीईटी) के फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे हरिद्वार जिले के चुड़ियाल गांव का निवासी प्रदीप कुमार नवंबर 2014 से पाटी ब्लॉक के चम्योली प्राथमिक विद्यालय में पढ़ा रहा था। पाटी के उप शिक्षाधिकारी मनीष बिष्ट ने बताया कि सत्यापन के लिए रामनगर बोर्ड कार्यालय भेजा गया टीईटी प्रमाणपत्र जांच में फर्जी पाए जाने के बाद सितंबर में अध्यापक प्रदीप कुमार को बर्खास्त कर दिया गया था। विभाग ने शिक्षक के खाते में ट्रांसफर हुए दो माह का 53 हजार रुपये की रकम को चालान लगा राजकोष में जमा करा दिया है। साथ ही नवंबर 2014 से ली गई वेतन की रकम वापस लेने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बर्खास्तगी के बाद विभाग ने पाटी थाने में आरोपी अध्यापक के खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। जांच अधिकारी पाटी के थानाध्यक्ष प्रभात कुमार का कहना है कि आरोपी को अभी दबोचा नहीं जा सका है। उसकी धरपकड़ के लिए टीमें बनाई गई है। अलबत्ता पुलिस अब अभियुक्त के खिलाफ अदालत के जरिए गैर जमानती वारंट जारी करने की तैयार कर रहा है।