वन पंचायत कुलदेव, झलानदेव और फोर्ती वन पंचायतों के जंगलों में महिलाओं द्वारा बांज, देवदार आदि पौधों की लॉपिंग एवं घास के लुट्टों के लिए देवदार के छोटे पेड़ों का कटान किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर लकड़ी काटने के बाद वहां आग भी लगाई जा रही है, ताकि कच्ची लकड़ी पुरानी दिखाई दे।
कुलदेव, झलान देव के सरपंच प्रदीप देव, फोर्ती के सरपंच सतीश बगौली की मौजूदगी में हुई बैठक में स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की गई। गिरीश बगौली, शेखर उपाध्याय, त्रिलोचन पुनेठा, सतीश बगौली, नरेंद्र कुमार, कुलदेव के सुरेश देव, गोपाल सिंह, बलवंत सिंह, नरेश सिंह, सुमित सिंह आदि का कहना था कि पंचायती जंगलों के अंदर से पांच पेयजल योजनाएं बनाई गई हैं, जिसमें लगातार जलापूर्ति होती है।
यदि इसी तरह पेड़ों को नुकसान होता रहा तो इससे करोड़ों रुपये लागत से बनी पेयजल योजनाएं ठप पड़ जाएंगी। तय किया गया कि पंचायती जंगल में अब चौकीदारों ने यदि कोई महिला पकड़ी तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी।