जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस दुग्ताल ने चार साल पहले हुई मारपीट और जानलेवा हमले के मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी महिला को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसकी अदायगी न किए जाने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
प्राप्त घटना विवरण के अनुसार 20 मार्च 2011 को कर्णकरायत निवासी हीरा सिंह ने लोहाघाट थाने में तहरीर देकर गांव के ही पड़ोसी मदन सिंह, उसकी पत्नी सीमा देवी और पुत्र किट्टू पर अपने बेटे सूरज सिंह को सड़क में घेरकर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया। पुलिस की ओर से मामले की विवेचना के बाद मदन सिंह और सीमा देवी के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 और 504 के तहत मामला दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले में किट्टू के नाबालिग होने पर उसके खिलाफ बाल संरक्षण के तहत अलग आरोप पत्र प्रेषित किया गया, जबकि सीमा देवी के पति मदन सिंह की इस बीच मौत हो चुकी है।
मामले में वकीलों की दलीलें और पत्रावली में साक्ष्यों के अवलोकन के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सीमा देवी को धारा 307 के तहत सात साल सश्रम कारावास एवं 15 हजार रुपये जुर्माने और आईपीसी की धारा 504 के तहत एक साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी और इस दौरान जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। जुर्माने की राशि में से दस हजार रुपये चोटिल सूरज सिंह को देने के आदेश भी दिए गए हैं। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता एसके खर्कवाल ने पैरवी की।