क्षेत्र में डेंगू के रोगी मिलने के बाद चिकित्सा विभाग हरकत में आ गया है। विभाग की एपीडोमालाजिस्ट टीम ने निजी अस्पताल में भर्ती दोनों रोगियों के रिपोर्ट का अवलोकन किया। साथ ही गांवों में जाकर डेंगू के संदिग्ध रोगियों की खोज की, लेकिन किसी में डेंगू के लक्षणों की पुष्टि नहीं हुई।
दिल्ली में नौकरी करने वाले बोहरागोठ निवासी प्रमोद कुमार और उचौलीगोठ निवासी कैलाश सिंह के डेंगू की चपेट में आने की खबर के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में गया है। दोनों संदिग्ध रोगियों का शहर के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है, फिलहाल उनकी हालत में सुधार है। मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर सोमवार को एपीडोमोलाजिस्ट विंग के प्रभारी चिकित्साधिकारी मुबारक अली और चिकित्सा अधीक्षक डा. एचएस ह्यांकी ने निजी अस्पताल में जाकर दोनों रोगियों की स्थित का पता लगाया।
डा. अली के मुताबिक दोनों रोगियों के शरीर में प्लेटलेट्स तो कम हुए है, केवल प्लेटलेट्स कम होना ही डेंगू का लक्षण नहीं है। डा. अली का कहना है कि डेंगू का पता लगाने को कराया जाने वाला प्लाजा टेस्ट महंगा है। इसलिए पहले प्लेटलेट्स आदि जनरल टेस्ट कराए जाते हैं। जब यह लगता है कि रोगी को डेंगू हो सकता है तभी प्लाजा टेस्ट कराया जाता है। चिकित्सा अधीक्षक डा. ह्यांकी ने शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात एएनएम और हेल्थ वर्कर्स को डेंगू के संदिग्ध रोगी पाए जाने पर तुरंत सूचना देने को कहा गया है।
प्लेटलेट्स चढ़ाने की सुविधा नहीं
संयुक्त चिकित्सालय में आइसोलेशन वार्ड बना है। अस्पताल में डेंगू के टेस्ट की भी सुविधा है, लेकिन डेंगू की चपेट में आए रोगियों को प्लेटलेट्स चढ़ाने की सुविधा यहां नहीं है। इसके लिए डेंगू रोगी को एचटीएच हल्द्वानी ही रेफर करना पड़ेगा।
गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं
डेंगू के डंक का खौफ बढ़ रहा है। सफाई दुरुस्त रखने और पानी का जमाव नहीं होने देने की सलाह दी जा रही है, लेकिन शहर में कई स्थान ऐसे हैं, जहां पानी जमा रहता है। बस स्टेशन के समीप मछली गली में आबादी के सटे मैदान में घरों का पानी लंबेे अर्से से जमा रहता है, लेकिन इसकी निकासी के लिए पालिका प्रशासन के पास कोई उपाय नहीं है। पालिकाध्यक्ष लक्ष्मी पांडेय का कहना है कि पानी जमा होने वाले स्थानों को चिह्नित कर डंप पानी की निकासी की व्यवस्था की जा रही है।
टनकपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती डेंगू के दो संदिग्ध मरीजों के ब्लड की जांच में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। सभी एएनएम, आशा और फील्ड वर्कर्स को सचेत किया गया है। जिला अस्पताल के साथ ही टनकपुर और लोहाघाट में भी डेंगू की जांच की सुविधा उपलब्ध है। -डा.विनोद टोलिया, सीएमओ