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चालान की गई धनराशि में संशोधन करो

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चंपावत। कूड़ा फेंकना एवं थूकना प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत चालान की गई राशि को जमा न करने पर नगर पालिका ने कार्रवाई की है। जुर्माने की रकम जमा करने के लिए पालिका ने राजस्व विभाग का सहारा लिया है। गंदगी करने पर आठ लोगों की वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) काटने के लिए पालिका ने राजस्व विभाग को लिखा है। इन लोगों से 44896 रुपये वसूले जाएंगे। इस रकम में चालान की रकम के अलावा वसूली में आने वाले खर्च को भी शामिल किया गया है।
नगर पालिका के ईओ अभिनव कुमार ने बताया कि 30 दिसंबर को एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने उक्त अधिनियम का उल्लंघन करने पर नारायण दत्त, पवन गिरि, दीपक वर्मा, गणेश लाल वर्मा, भुवन लाल वर्मा, हरिलाल वर्मा, अंबादत्त, जगदीश बोहरा का चालान किया था। इन लोगों पर अधिनियम 2016 के तहत पांच-पांच हजार रुपये का चालान किया गया था। इसके बाद एसडीएम ने नगर पालिका को संबंधित लोगों से वसूली करने के आदेश दिए थे। पालिका ने इस बाबत सभी लोगों को पूर्व में राशि जमा करने के लिए नोटिस दिए, लेकिन राशि जमा न करने पर पालिका ने कार्रवाई करते हुए सभी आठ लोगों की आरसी काटी है। अब राजस्व विभाग संबंधित लोगों से चालान की गई राशि को वसूल करेगा।
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कोट
कूड़ा फेकना एवं थूकना प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत सभी आठ लोगों को दूरभाष से चालान की धनराशि जमा करने को कहा गया था। इसके बाद उन्हें नोटिस भी भेजा गया, मगर किसी ने भी राशि जमा नहीं की। अब सभी लोगों की आरसी काटते हुए राजस्व विभाग से वसूली करने का आग्रह किया गया है।
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अभिनव कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका।

इनसेट

पांच हजार रुपये के चालान से खफा लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा
चंपावत। गंदगी करने पर चालान करने से लोगों में गहरी नाराजगी है। इस बाबत उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपा। भाजपा नगर अध्यक्ष कैलाश अधिकारी, पूर्व जिलाध्यक्ष हिमेेश कलखुड़िया, साधन सहकारी समिति अध्यक्ष विकास साह के नेतृत्व में नागरिकों ने सोमवार को डीएम से मुलाकात की। उन्होंने कुछ दिनों पहले उत्तराखंड कूड़ा फेंकना, थूकना प्रतिषेध अधिनियम के तहत किए गए चालान को अतार्किक बताया। कहा कि पहली बार में ही पांच हजार रुपये का चालान अनुचित है। चालान करने के बजाय पहले नोटिस दिया जाना था या कम राशि का चालान किया जाना चाहिए था। लोगों का कहना था कि पालिका ने मुख्यालय में सीवर लाइन, शौचालय, कार पार्किंग समेत तमाम बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना चाहिए। पालिका भवन कर, व्यवसाय कर तो वसूलती है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने शिष्टमंडल को नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान एनडी गड़कोटी, गिरीश जोशी, हेमंत वर्मा, मयूख चौधरी, विजय वर्मा, विजय चौधरी, नंदन तड़ागी, कमल पटवा आदि थे।
फोटो 22 सीपीटी 06पी
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