टनकपुर (चंपावत)। प्रिंटिंग प्रेस के स्वामी ने अपने कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें किराया नहीं चुकाने की वजह से दुकान पर ताला लगाने वाले व्यक्ति को मौत का जिम्मेदार ठहराया गया है। पुलिस के मुताबिक कमरे का दरवाजा खुला था और प्रिंटिंग प्रेस के स्वामी दुर्गादत्त का शव फंदे से लटका था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों का सौंप दिया गया है। कोतवाल का कहना है कि तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मथियाबांज सूखीढांग निवासी दुर्गादत्त जोशी (52) पुत्र मनीराम जोशी ने टनकपुर में शारदा रेंज कार्यालय के पास किराए की दुकान में प्रिटिंग प्रेस चलाते थे और दुकान के पीछे कमरे में परिवार के साथ रहते थे। बच्चे अपने गांव गए हुए थे, लिहाजा वह कमरे पर अकेले थे।
सोमवार सुबह दूसरे किराएदारों के बच्चों ने खिड़की से झांकर भीतर देखा तो दुर्गादत्त फंदे पर लटका देख बाकी लोगों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे सीओ आरएस रौतेला और कोतवाल चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि दुर्गादत्त के कमरे से सुसाइड मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। कोतवाल ने अंदेशा जताया कि खुदकुशी से पहले मृतक ने खूब शराब पी और नशे की हालत में उसने यह कदम उठाया। हालांकि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। बताया गया कि दुर्गादत्त साधन सहकारी समिति धूरा का सदस्य भी है। देर शाम गांव से मृतक की पत्नी और बच्चे भी आ गए। पुलिस ने उन्हें शव सौंप दिया है।
यह लिखा है सुसाइड नोट में
सुसाइड नोट में लिखा है कि दिवाली पर बैंक बंद होने की वजह से मकान मालिक को किराया नहीं दे पाया। जिसने मेरी दुकान पर ताला लगाया है वहीं मेरी मौत के लिए जिम्मेदार है। इसके बाद दुर्गादत्त ने अपने भतीजे मोहन को संबोधित करते हुए लिखा है कि मेरे बेटे का ध्यान रखना और मकान मालिक को पांच हजार रुपये दे देना। मेरे कमरे में बेटियों के सामान भी रखा वह उनको दे देना।