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ऋषेश्वर मंदिर से चोरी में सन्यासियों का हाथ, पुलिस ने दबोचा

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लोहाघाट (चंपावत)। यहां के ऋषेश्वर मंदिर की धर्मशाला का ताला तोड़कर बाबा मोहनानंद तीर्थ की चांदी की छड़ (धर्म ध्वजा) चुराने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज के जरिए पुलिस इन आरोपियों तक पहुंची। दोनों ही आरोपी संन्यासी हैं और इनमें से एक ने चोरी की थी।
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थानाध्यक्ष मनीष खत्री ने बताया कि 12 अगस्त की रात ऋषेश्वर मंदिर में रखे दान पात्र और धर्मशाला का ताला तोड़कर चांदी की छड़ चुरा ली गई थी। मंदिर के महंत बाबा मोहना नंद की तहरीर के बाद पुलिस ने खोज शुरू की। सीसीटीवी फुटेज से कुछ अंदाजा मिला तो पुलिस हरेड़ा (पिथौरागढ़) निवासी दीपक कापड़ी उर्फ भोला गिरि तक पहुंची। पूछताछ में दीपक ने पुलिस को बताया कि उसका बाबा मोहना नंद के पास आना जाना था। 12 अगस्त को भी वह ऋषेश्वर मंदिर आया था, लेकिन यहां आकर पता चला कि बाबा मोहनानंद तीर्थ पर गए हैं।

इसके बाद उसने सबसे पहले दानपात्र के ताले तोड़े, लेकिन उसमें कुछ नहीं था। इसके बाद उसने महाराज के कमरे का ताला तोड़कर चांदी की छड़ चुरा ली। चांदी की छड़ को एक मोबाइल के बदले धर्मराज गिरि को बेच दिया। दीपक की निशानदेही पर ही पुलिस कौशांबी उत्तर प्रदेश के रहने वाले धर्मराज गिरि तक पहुंची। उसका नाम धर्मेंद्र कुमार है। दोनों इस वक्त हंसेश्वर मठ (जौलजीबी, पिथौरागढ़) में रह रहे हैं। दोनों को पुलिस ने लोहाघाट में बलाई पुल से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 380, 457 और 411 के तहत मामला दर्ज किया। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले की विवेचना एसआई देवेंद्र मेहता कर रहे हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में दरोगा हेमंत कठैत, नवल किशोर शामिल थे।
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