बनबसा (चंपावत)।
लकड़ी तस्कर से कस्टम कर्मियों द्वारा तीस हजार रुपये की रिश्वत लेने का मामला तूल पकड़ गया है। एसपी धीरेंद्र सिंह गुंज्याल के निर्देश पर हुई मामले की जांच में आरोपी कस्टम कर्मियों के नामों का खुलासा किया गया है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट कस्टम के उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। इधर, थानाध्यक्ष के अनुसार आरोपी कस्टम कर्मियों ने अपना गुनाह कबूलते हुए एसपी को लिखित में क्षमा याचना भेजने के साथ ही तस्कर से रिश्वत में मिले रुपये उसे वापस कर दिए हैं।
दो जून को पुलिस ने पाटनी तिराहे के पास सागौन के चार अवैध गिल्टों से लदे पिकअप (यूपी26/8965) को रोका तो चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। छानबीन में पता चला कि पकड़े गए वाहन को मझोला जिला पीलीभीत निवासी जाहिद चला रहा था। पुलिस ने बरामद सागौन के अवैध लट्ठों से लदे पिकअप को पूर्वी तराई वन प्रभाग के खटीमा रेंज के सुपुर्द किया ही था कि फरार पिकअप चालक ने एसपी को फोन कर लकड़ी तस्करी के एवज में रिश्वत देने की बात कह मामले को नया मोड़ दे दिया। आरोपी चालक ने एसपी गुंज्याल को बताया कि जो लकड़ी पुलिस ने पकड़ी है, उसे ले जाने के एवज में पुलिस ने उससे तीस हजार रुपये की रिश्वत ली है। इस पर एसपी ने सीओ आरएस रौतेला से मामले की जांच कराई तो पता चला कि चालक से रिश्वत पुलिस ने नहीं, बल्कि कस्टम विभाग के कर्मियों की टीम ने अपने को बनबसा पुलिस बताकर वसूले थे।
इधर, थानाध्यक्ष राजेश पांडेय द्वारा एसपी को भेजी रिपोर्ट में कहा गया है कि लकड़ी तस्करी में पकड़ा गया वाहन एक जून की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे खराब हो गया था। इसी बीच एनोवा कार (यूके 06टीए/1101) में सवार होकर आए कुछ खाकी वर्दीधारियों ने अपने को बनबसा थाने की पुलिस बताकर पहले उससे पचास हजार रुपये की मांग की और फिर तीस हजार रुपये लेकर छोड़ दिया था। मामले के खुलासे पर हड़कंप मचा तो पुलिस ने जिस इनोवा कार में वर्दीधारी सवार थे, वह कार गौहटिया खटीमा निवासी स्माइल पुत्र इब्राहिम के नाम पंजीकृत है और रिश्वत वसूलते वक्त कार में कार स्वामी स्माइल के अलावा कस्टम निरीक्षक पी यूनिट गौरव पटेल, हवलदार बालकृष्ण यादव, हवलदार श्याम प्रकाश त्रिपाठी थे। जिन्होंने पिकअप चालक जाहिद को डरा-धमकाकर तीस हजार रुपये की रिश्वत वसूली थी। थानाध्यक्ष पांडेय के मुताबिक आरोपी कस्टम कर्मियों एवं इनोवा कार स्वामी ने न सिर्फ रिश्वत वसूलने की बात स्वीकार की है, बल्कि एसपी से लिखित में क्षमा याचना कर रिश्वत में लिए रुपये लौटा दिए हैं।
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फरार लकड़ी तस्कर पिकअप चालक के पुलिस के सामने न आने से फिलहाल आरोपी कस्टम कर्मियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई है। अलबत्ता आरोपी कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए कस्टम के उच्च अधिकारियों को मामले की रिपोर्ट भेजी गई है। -धीरेंद्र सिंह गुंज्याल, एसपी चंपावत।