चंपावत। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली के चलते शवों के पोस्टमार्टम तक समय पर नहीं हो पा रहे हैं। रविवार की रात पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय लाए गए विवाहिता के शव का पोस्टमार्टम यहां पहुंचने के 14 घंटे के बाद हो पाया। शव को लेने के लिए मृतका के परिजनों को 15 घंटे का इंतजार करना पड़ा।
रविवार गोली गांव निवासी नवविवाहिता कमलेश बोहरा (22) पत्नी सुंदर सिंह रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए राजस्व पुलिस रविवार की रात करीब दस बजे जिला मुख्यालय ले आई थी। मृतका परिजन भी शव के साथ रविवार की रात को ही यहां शव विच्छेदन गृह पहुंच गए थे। रात में ही इसकी सूचना चिकित्सा विभाग को दे दी थी। लेकिन शव का पोस्टमार्टम करने के लिए कोई डाक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। सोमवार को दिन में करीब पौने डाक्टरों ने शव विच्छेदन गृह पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम किया। करीब एक बजे मृतका का शव परिजनों का सौंपा गया। परिजनों को करीब 15 घंटे शव विच्छेदन गृह के बाहर बिताने पड़े।
पैनल की ओर से किया जाता है पोस्टमार्टम
चंपावत। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.आरके जोशी का कहना है कि आपराधिक और गंभीर मामलों में मृतकों का पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल द्वारा किया जाता है। आज सोमवार होने के कारण जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण डाक्टरों का पैनल देर में शव विच्छेदन गृह पहुंचा। उन्होंने बताया कि मृतका के परिजनों को पूर्व में ही पोस्टमार्टम 12 बजे बाद हो सकने की जानकारी दे दी गई थी।
मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप
चंपावत। गोली गांव में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में मायके पक्ष ने ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाया है। कहा गया है कि मृतका के ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए आए दिन परेशान किया करते थे। वहीं प्रभारी निरीक्षक सलाउद्दीन खान ने बताया कि अभी तक उनके पास पीएम रिपोर्ट नहीं पहुंची है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।